http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 19 अगस्त, 2006 को 15:28 GMT तक के समाचार

टेलीविज़न 'दर्द निवारक' भी है

एक ताज़ा शोध से इस तरह के संकेत मिले हैं कि टेलीविज़न देखना बच्चों के लिए प्राकृतिक दर्द निवारक की भूमिका निभा सकता है.

इटली के शोधकर्ताओं का दावा है कि टेलीविज़न देखने के दौरान दर्द का एहसास कम होता है और यह प्राकृतिक दर्द निवारक (पेन किलर) की तरह काम कर सकता है.

सिएना विश्वविद्यालय की रिसर्च टीम ने सात से 12 साल के 69 बच्चों के रक्त का नमूना लेने के दौरान दर्द का स्तर जाँचने के बाद यह दावा किया है.

बच्चों को तीन समूहों में बाँट दिया गया और किसी को भी एनेस्थीसिया नहीं दी गई. ख़ून निकाले जाने के दौरान एक समूह के बच्चों का ध्यान बँटाने का काम उनकी माँ कर रही थीं.

कुछ बच्चे टेलीविज़न पर कार्टून देख रहे थे और बाक़ी बच्चों का ध्यान बँटाने के लिए कुछ भी नहीं किया गया.

माँ की भूमिका

'आर्काइव्स ऑफ डिज़ीज़ इन चाइल्डहुड' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ जो बच्चे टेलीविज़न देख रहे थे उन्हें दर्द का एहसास सबसे कम हुआ.

जिन बच्चों का ध्यान बँटाने के लिए कुछ भी नहीं किया गया उन्हें टेलीविज़न देख रहे बच्चों के मुक़ाबले तिगुना अधिक दर्द हुआ.

यहाँ तक कि माँ का प्यार-दुलार भी टेलीविज़न की इस क्षमता के सामने बेबस नज़र आया.

रिपोर्ट के अनुसार, "टेलीविज़न न सिर्फ दर्द का एहसास कम करने में सफल रहा, बल्कि इसने बच्चों में दर्द सहने की क्षमता को भी बढ़ाया."

शोधकर्ताओं का कहना है कि स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया कि दर्द का एहसास कम करने में अहम भूमिका किसने निभाई--माँ के भावनात्मक लगाव ने या टेलीविज़न के ध्यान बाँटने की क्षमता ने.

रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि माँ के प्रयासों के बावजूद अधिक दर्द से साफ़ है कि जब बच्चे जीवन के कठिन क्षणों से गुजर रहे होते हैं तब माँ उनसे सकारात्मक तरीक़े संवाद नहीं कर पातीं.

हालाँकि इसका यह मतलब कतई नहीं है कि माँ की मौजूदगी का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. बच्चों ने कहा कि दर्द के क्षणों में माँ के मौजूद रहने से उन्हें काफ़ी अच्छा लगा.

शोधकर्ता डॉक्टर कार्लो बेलिएनी कहते हैं, "टेलीविज़न देखने से बच्चों का ध्यान तो विचलित हुआ ही होगा यह भी संभव है कि इस दौरान मिली खु़शी से प्राकृतिक दर्द निवारक हार्मोन एंडोर्फिन्स निकला हो."