सोमवार, 14 अगस्त, 2006 को 00:56 GMT तक के समाचार
सूर्य के चारों ओर चक्कर काटने वाले नौ ग्रहों में सबसे छोटा और नौंवा सदस्य है प्लूटो पर इसके ग्रह होने पर एक बार फिर से सवालिया निशान लगाया जा रहा है.
चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में दुनियाभर के खगोलशास्त्री इकट्ठा हो रहे हैं जो इस बात पर चर्चा करने वाले हैं कि प्लूटो वाकई एक ग्रह है या नहीं.
सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा की जाएगी कि 'ग्रह' शब्द का असली अर्थ क्या समझा जाना चाहिए.
माना जा रहा है कि इस तरह की बहस के बाद अंतरराष्ट्रीय खगोलशास्त्री यूनियन या तो प्लूटो के सौर मंडल में स्थान को नीचे लाएगी और या फिर कई दूसरे खगोलीय पिंडों को भी ग्रहों की सूची में शामिल करना पड़ेगा.
प्लूटो सौर-मण्डल का एक मात्र ऐसा ग्रह है जिसकी खोजबीन नहीं हुई है और वैज्ञानिकों को सौर मंडल के ग्रहों में से सबसे कम जानकारी इसी ग्रह के बारे में है.
विवाद
प्लूटो की स्थिति को लेकर चल रहा यह विवाद दशकों पुराना है और इसकी शुरुआत तब हुई जब यह पता चला कि प्लूटो सौर मंडल के बाकी आठ ग्रहों की तुलना में काफ़ी छोटा है.
कई खगोलविद प्लूटो को ग्रह मानने से इनकार करते हैं और उनका मानना है कि यह 'कुइपर बेल्ड' के पिंडों में से एक हो सकता है.
इस बात को और तूल दिया कैलिफ़ोर्निया के खगोलशास्त्रियों ने जिनकी खोज ने सौरमंडल में प्लूटो को ग्रह के रूप में रखे जाने पर सवाल उठा दिए.
तीन वर्ष पहले हुए इस शोध में पहली बार इस बात को सामने लाया गया कि सौरमंडल में सूर्य की परिक्रमा करने वाले कुछ खगोलीय पिंडों का आकार प्लूटो से बड़ा है.