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बुधवार, 19 जुलाई, 2006 को 23:30 GMT तक के समाचार

एचआईवी के टीके के लिए 30 करोड़ डॉलर

एचआईवी के निपटने के लिए टीका बनाने के प्रयासों को तेज़ करने के लिए बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन ने कोई 30 करोड़ डॉलर का दान देने की घोषणा की है.

इस दानराशि से शोध टीमों का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया जाएगा जो टीका विकसित करने की नए तरीक़े तलाशने के प्रयास करेगा.

इससे पहले गेट्स फ़ाउंडेशन मलेरिया और टीबी से निपटने के लिए करोड़ो डॉलर की सहायता दे चुका है.

वैसे एचआईवी वायरस की पहचान को 25 वर्ष हो गए लेकिन वैज्ञानिक अभी भी इसका प्रभावशाली टीका विकसित करने के लिए जूझ रहे हैं.

कई मानवीय परीक्षणों के बाद भी अब तक किसी एचआईवी टीके को सफलता नहीं मिली है.

इसका कारण यह है कि एचआईवी वायरस सीधे मानव के प्रतिरोधक क्षमता पर ही वार करता है और उसे नष्ट कर देता है जबकि कोई भी टीका मानव शरीर में प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर ही कार्य करता है.

साझा प्रयास

गेट्स फ़ाउंडेशन ने 28.7 करोड़ डॉलर का दान घोषित करते हुए उम्मीद जताई है कि फ़ाउंडेशन पूरी दुनिया के प्रयासों को संयोजित कर सकेगा.

फ़ाउंडेशन 19 देशों के 165 वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को नई अभिनव रणनीति बनाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करेगा.

इस राशि से जिन परियोजनाओं को धनराशि मिलनी है उसमें यह भी है कि मनुष्यों और जानवरों में पाए जाने वाले एंटीबॉडीज़ (प्रतिरोधकों) को मिलाकर देखा जाए कि क्या वे मिलकर एचआईवी को ख़त्म कर सकते हैं.

इसके तहत उस परियोजना को भी राशि दी जाएगी जिसमें चेचक से जुड़े वायरसों को संभावित टीके के रुप में आजमाकर देखा जाए.

फ़ाउडेशन का कहना है कि वे ऐसी योजनाएँ भी बना रहे हैं जिससे विकासशील देशों को भी शोध का फ़ायदा पहुँचाया जा सके.

उल्लेखनीय है कि इस समय दुनिया में 70 करोड़ डॉलर से भी अधिक राशि एचआईवी का टीका विकसित किए जाने के शोध में खर्च हो रहे हैं.

हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह राशि ज़रुरत की राशि की तुलना में आधी है.