बुधवार, 05 जुलाई, 2006 को 02:59 GMT तक के समाचार
नासा अधिकारियों का कहना है कि अंतरिक्ष यान डिस्कवरी की उड़ान के दौरान ईंधन टैंक में से कुछ टुकड़े गिरे थे लेकिन इससे कोई ख़तरा नहीं है.
अधिकारियों ने कहा कि ईंधन टैक ने उड़ान के दौरान 'बेहतरीन काम' किया है.
डिस्कवरी के उड़ान भरते ही ईंधन टैंक से फोम के कुछ टुकड़े गिरने के बारे में अधिकारियों ने कहा कि पहले से ही इसकी उम्मीद थी और इससे कोई ख़तरा नहीं है.
कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी वेन हेल ने कहा " ईंधन टैंक ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. बहुत अच्छा."
हेल का कहना था कि वो ऐसी कोई समस्या नहीं देखते जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को कोई दिक्कत हो.
बड़ी प्रगति
डिस्कवरी की उड़ान के तीन मिनट बाद फोम के छह टुकड़े गिरते हुए देखे गए थे.
इस बारे में स्पष्ट करते हुए हेल ने कहा " जब ये फोम के टुकड़े गिरे तब डिस्कवरी बहुत ऊपर पहुंच चुका था और हवा इतनी तेज़ नहीं होती कि ये फोम के टुकड़े डिस्कवरी को कोई नुकसान पहुंचा सकें."
हेल का कहना है था कि यह छोटी घटना है और फोम के टुकड़े काफी देर से गिरे हैं. उन्होंने कहा " मैं ईंधन टैंक के प्रदर्शन से खुश हूं. हमने पिछले वर्षों की तुलना में खासी प्रगति की है."
उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले उड़ान भरते समय कोलंबिया यान में से फोम का एक टुकड़ा गिरा था जिससे उसके एक भाग को क्षति पहुंची और वापसी के दौरान यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
सुरक्षा व्यवस्था
मंगलवार को डिस्कवरी की उड़ान से पहले फोम में एक दरार पाई गई थी जिसके बाद उड़ान को लेकर आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं लेकिन फिर इसे निर्धारित समय पर रवाना कर दिया गया.
इससे पहले ख़राब मौसम के कारण इसकी उड़ान दो बार स्थगित करनी पड़ी थी.
मंगलवार को यान का मुआयना करने के बाद इंजीनियरों ने कहा था कि उसके बाहरी ईंधन टैंक की इन्सूलेटिंग फ़ोम यानी बाह्य आवरण में दरार है. लेकिन बाद में नासा ने कहा कि इस दरार से कोई ख़तरा नहीं है.
इसमें सात अंतरिक्ष यात्री हैं जिनमें पांच पुरुष और दो महिलाएँ शामिल हैं. ये अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में नए सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण करेंगे और वहाँ आपूर्ति पहुँचाएंगे.
योजना के मुताबिक डिस्कवरी यान दो हफ़्ते से भी कम समय के लिए अंतरिक्ष में रहेगा.
यान में एक जर्मन यात्री भी गया है जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में जाकर छह महीने बिताने वाला पहला यूरोपीय अंतरिक्ष यात्री बन जाएगा.
गौरतलब है कि कुछ समय पहले नासा ने भारतीय मूल की एक और अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को उड़ान भरने के लिए चुना है.