रविवार, 04 जून, 2006 को 04:32 GMT तक के समाचार
अमरीका के कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में एक ऐसे टीके को विकसित किया जा सकता है जिसे लगाए जाने से परमाणु हमले के प्रभाव से बचा जा सकेगा.
वैज्ञानिकों ने बताया कि इस टीके को आपातकालीन सेवाएं देने वाले लोगों के लिए बनाया जा रहा है.
इस ख़ास किस्म के टीके को विकसित करने का काम अमरीका के पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में चल रहा है.
विश्वविद्यालय में टीके को विकसित करने में लगे शोधकर्ताओं ने एक चूहे पर रेडियोधर्मी विकिरण के प्रभावों का अध्ययन किया है.
प्रयोग में पाया गया कि एक ख़ास तरह की जीन थेरेपी यानी उपचार करने के बाद चूहे को रेडियोधर्मी विकिरण के प्रभाव से बचाया जा सकता है.
इसके लिए शरीर की प्रत्येक कोशिका में इस उपचार की कुछ मात्रा दी गई.
जानकार बताते हैं कि इस तरह के टीके का इस्तेमाल आपालकालीन सेवाओं में लगे लोगों पर किया जा सकता है ताकि किसी परमाणु हमले की स्थिति में उन्हें इसके प्रभावों से बचाया जा सके.
यानी अगर किसी हमले में आतंकवादी परमाणु बम या ऐसे बमों का इस्तेमाल करते हैं जिनमें परमाणु विकिरण हों, तो इस हमले का असर आपात सेवाएं से जुड़े लोगों पर नहीं होगा और यह किसी भी ऐसी आपात स्थिति से निबटने के लिए मददगार साबित हो सकता है.