साइबेरिया में मछुआरों के एक दल ने विलुप्त हो चुकी प्रजाति के एक विशालकाय हाथी का पूरा कंकाल खोज निकाला है.
मछुआरों को यह कंकाल क्रैज़नोयार्स्क क्षेत्र के एक जलाशय में पानी कम होने के बाद दिखा.
यह कंकाल रोएँदार खाल और बड़े दाँतों वाले विशालकाय हाथियों की मैमथ प्रजाति के हाथी का है.
माना जाता है कि 10 हज़ार साल पहले धरती से इनका अस्तित्व मिट गया था. इससे पहले लाखों वर्षों तक हाथियों की मैमथ प्रजाति अफ़्रीका, यूरोप, एशिया और उत्तर अमरीका में आबाद रही थी.
साइबेरिया में जिस मैमथ हाथी का कंकाल मिला है वो ऐसा लगता है 50 साल तक जीया होगा.
उसका पूर्ण कंकाल यानि रीढ़ की हड्डी, खोपड़ी तथा खाने और दिखाने के दाँत आदि अच्छी स्थिति में मिले हैं.
उपलब्धि
साइबेरियाई क्षेत्र के सुदूरवर्ती कस्बे नोवोसेलेवो के संग्रहालय के उपनिदेशक अलेक्ज़ांडर कर्झायेव ने इस खोज को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है.
बीबीसी से बातचीत में कर्झायेव ने कहा कि वो 14 वर्षों से उस क्षेत्र में तैनात हैं लेकिन एक ही जगह विलुप्त प्रजाति के मैमथ का पूरा कंकाल पहली बार मिला है.
उन्होंने कहा कि आमतौर पर कंकाल बड़े से इलाक़े में बिखरा मिलता था.
कर्झायेव ने अफ़सोस जताया कि संसाधनों के अभाव में प्रागैतिहासिक काल के हाथी के कंकाल को अभी निकाला नहीं जा सकेगा. कंकाल को अभी एक जलाशय के किनारे उसी जगह रहने दिया जाएगा जहाँ कि इसे खोजा गया है.
उल्लेखनीय है कि साइबेरियाई क्षेत्र को प्रागैतिहासिक काल के प्राणी अवशेषों के नज़रिए से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण साइबेरिया में बर्फ़ की मौज़ूदगी कम हुई है, इस कारण प्राणी अवशेषों के मिलने की संभावना बढ़ गई है.