रविवार, 02 अप्रैल, 2006 को 09:22 GMT तक के समाचार
अपराधियों को पकड़ने के लिए उनके उंगलियों के निशानों का लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है.
ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने अब उंगलियों के निशानों के एक नए पहलू पर शोध किया है.
शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया है कि उंगलियों के निशानों से कैसे किसी व्यक्ति की जीवनशैली के बारे में पता लगाया जा सकता है.
बीबीसी के विज्ञान संवाददाता ने बताया है कि शोधकर्ताओं ने इस ओर काम किया है कि किस तरह उम्र, धूम्रपान, मादक पदार्थों और कुछ विशेष निजी उत्पादों के सेवन से उंगलियों के निशान बदलते हैं.
शोधकर्ताओं ने ये भी कहा है कि वे उंगलियों के उन निशानों के बेहतर नमूने पेश करने में मदद कर सकते हैं जो निशान कई दिनों या हफ़्तों से अनदेखे रह गए हों.
शोध का मकसद उन बंदूकों और बमों के हिस्सों पर से उंगलियों के निशान ढूँढना है, जिन निशानों को ढूँढना आम तौर पर मुश्किल होता है.
ये काम लंदन के किंग्स कॉलेज में डॉक्टर सू जिक्कैल्स की अगुआई में चल रहा है.
रासायनिक संरचना
उंगलियों के निशानों से ज़्यादा जानकारी हासिल करने के काम में इन निशानों की रासायनिक संरचना और समय के साथ उनमें आए बदलाव का सहारा लिया गया है.
डॉक्टर सू जिक्कैल्स का कहना है कि जब कोई व्यक्ति किसी चीज़ को छूता है, तो उसके अणु और लिपिड पीछे छूट जाते हैं.
इन्हीं का अध्ययन कर शोधकर्ता पुराने पड़ चुके उंगलियों के निशानों से कई तरह के तथ्य निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
डॉक्टर सू जिक्कैल्स के मुताबिक बच्चे, बड़े और बूढ़ों के उंगलियों के निशानों में अलग अलग तरह के ऑर्गेनिक कंपाउंड यानि ऑर्गेनिक मिश्रण होते हैं.
इसी तरह ध्रूमपान करने वाले लोग कोटिनाइन नाम का रयासन छोड़ते हैं.
शोधकर्ताओं ने इन्हीं तथ्यों का इस्तेमाल अपने शोध में किया है.
इसके अलावा वेल्स विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर नील और उनके साथी भी उंगलियों के निशानों पर शोध कर रहे हैं, ख़ासकर गोलियों पर से उंगलियों के निशान ढूँढने के काम पर.
प्रोफ़ेसर नील ने कहा है कि इस शोध का नतीजा होगा एक ऐसा यंत्र जो घटनास्थल पर ही उंगलियों के निशानों का परीक्षण कर सकेगा.
उंगलियों के निशान पर अब तक किया गया शोध लंदन में हुए एक आयोजन में पेश किया गया है.