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बुधवार, 29 मार्च, 2006 को 09:04 GMT तक के समाचार

दुनिया ने देखा सूर्यग्रहण का नज़ारा

बुधवार को सूर्यग्रहण को लेकर दुनियाभर में उत्सुकता बनी रही और ये घाना से लेकर मंगोलिया तक दिखाई दिया.

सूर्यग्रहण मात्र तीन घंटे में अटलांटिक महासागर से अफ़्रीका, तुर्की और मध्य एशियाई देशों में नज़र आया.

सूर्यग्रहण: तस्वीरों में

उत्तरी भारत में आंशिक सूर्यग्रहण नज़र आया. यह ग्रहण भारतीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चला.

सूर्यग्रहण सबसे अधिक जम्मू में 31.3 प्रतिशत, चंडीगढ़ में 23.4 और दिल्ली में 17 प्रतिशत नज़र आया.

लेकिन दुनिया के कुछ देशों - घाना, लीबिया, नाइजीरिया, चाड, ग्रीस, तुर्की, जोर्जिया, रूस और मंगोलिया में पूर्ण सूर्यग्रहण नज़र आया. पूर्ण सूर्यग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए पूरी तरह अंधेरा छा जाता है.

लीबिया में सूर्यग्रहण के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए थे.

लीबिया में सूर्यग्रहण देखने के लिए रेगिस्तानी इलाक़े में टैंट की व्यवस्था की गई थी और वहाँ पर्यटक और वैज्ञानिक जुटे थे. वहाँ सात मिनट तक सूर्यग्रहण दिखाई दिया.

विशेष घटना

बिट्रेन की रॉयल वेधशाला के डॉ रोबर्ट मैसी का कहना है,'' सूर्यग्रहण विशेष खगोलीय घटना है और बेहद सुंदर होता है.''

विशेषज्ञों का मानना है कि खाली आँखों से सूर्यग्रहण देखना हानिकारक होता है. वैज्ञानिक इस ग्रहण को देखने के लिए उत्सुक थे और वे इसे अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं.

सूर्यग्रहण को लेकर कई अंधविश्वास प्रचलित हैं और आमतौर से ग्रहण को अशुभ माना जाता है.

इस दौरान लोग धार्मिक स्थलों में जाते हैं और नदियों और सरोवरों में स्नान करते हैं. इस अवसर पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र में स्नान के लिए भारी भीड़ जमा होती है.

कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए. हालांकि वैज्ञानिक इसे स्वीकार नहीं करते हैं.

सूर्यग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और इसकी छाया सूर्य पर पड़ती है जिसकी वजह से सूर्य कुछ समय के लिए छुप जाता है. अगला सूर्यग्रहण एक अगस्त, 2008 को पड़ेगा.