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मंगलवार, 17 जनवरी, 2006 को 21:20 GMT तक के समाचार

प्लूटो अभियान पर ख़राब मौसम की मार

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी(नासा) ने प्लूटो ग्रह के लिए अब तक का पहला अंतरिक्ष अभियान ख़राब मौसम के काण स्थगित कर दिया है.

पहले योजना ये थी कि न्यू होराइज़न्स नामक यान को फ़्लोरिडा स्थित केप कैनेवरल अंतरिक्ष केंद्र से मंगलवार शाम रवाना किया जाएगा.

लेकिन ख़राब मौसम के कारण अब ये यान कम-से-कम बुधवार से पहले तो नहीं जा सकेगा.

नासा अभी तक अबूझ माने जाने वाले ग्रह प्लूटो की ओर अब तक का सबसे तेज़ यान रवाना करनेवाली है.

वैज्ञानिकों को सौर मंडल के ग्रहों में से सबसे कम जानकारी प्लूटो के बारे में ही है.

नासा के एक शीर्ष अधिकारी कॉलिन हार्टमैन कहते हैं, "प्लूटो के बारे में हमें जितनी जानकारी है उसे एक डाक-टिकट की पीछे लिखा जा सकता है."

उन्होंने कहा, "इस मिशन के पूरा होने के बाद सौर मंडल संबंधी किताबों को दोबारा लिखे जाने की ज़रूरत होगी."

न्यू होराइज़न्स के निर्माण में 70 करोड़ डॉलर की लागत आई है.

पियानो के आकार के इस यान पर 33 किलोग्राम प्लूटोनियम ईंधन लदा हुआ है और इसी कारण परमाणु ऊर्जा के उपयोग के विरोधियों ने इसे छोड़े जाने पर आपत्ति जताई है.

नौ साल

सबसे तेज़ अंतरिक्ष यान होने के बावजूद न्यू होराइज़न्स को प्लूटो तक पहुँचने में कम से कम नौ साल लगेंगे.

प्लूटो और उसके चाँदों का अध्ययन करने के बाद यान बर्फ़ीले पिंडों के अध्ययन के लिए सौर मंडल के बाहरी हिस्से की ओर रवाना हो जाएगा जो कि कुइपर बेल्ट के नाम से जाना जाता है.

कुइपर बेल्ट धरती और सूरज के बीच की दूरी के 30 से 50 गुना ज़्यादा दूर अवस्थित है. माना जाता है कि सौर मंडल के इस हिस्से में दसियों हज़ार बर्फ़ीले पिंड मौजूद हैं.

उल्लेखनीय है कि कई खगोलविद प्लूटो को ग्रह मानने से इनकार करते हैं और उनका मानना है कि यह कुइपर बेल्ड के पिंडों में से एक हो सकता है.