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सोमवार, 12 दिसंबर, 2005 को 17:34 GMT तक के समाचार

तेज़ी से ख़िसक रहा है चुंबकीय ध्रुव

पृथ्वी का उत्तरी चुंबकीय ध्रुव उत्तर अमरीका से इतनी तेज़ी से दूर होता जा रहा है कि 50 साल के भीतर उत्तरी ध्रुव साइबेरिया पहुँच सकता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो अलास्का में दिखाई देनेवाली रोशनी जिसे ऑरोरा बोरिएलिस कहा जाता है, वह साइबेरिया और यूरोप में और अच्छी तरह दिखाई देने लगेगी.

पृथ्वी का चुंबकीय ध्रुव उसके भौगोलिक ध्रुव से अलग होता है. भौगोलिक ध्रुव पृथ्वी के उस अक्ष को मिलानेवाले बिंदुओं को कहते हैं जिनपर पृथ्वी घूमती है.

चुंबकीय ध्रुवों का स्थान बदलता रहता है और कभी-कभी तो दोनों ही ध्रुव एक-दूसरे की जगहों पर पहुँच जाते हैं.

अमरीका के ओरेगॉन विश्ववविद्यालय के वैज्ञानिक जोसफ़ स्टोनर ने सैनफ्रैंसिस्को में अमरीकी भू-भौतिक संघ की बैठक में कहा,"चुंबकीय ध्रुवों का हटना एक सामान्य गति का हिस्सा हो सकती है और अंततः वह कनाडा की ओर वापस चला जाएगा".

भटकते ध्रुव

इसके पहले जो अध्ययन हुए हैं वो बताते हैं कि पृथ्वी की चुंबकीय शक्ति पिछले 150 वर्षों में 10 प्रतिशत कम हुई है.

नए अध्ययन के अनुसार इसी दौरान उत्तरी चुंबकीय ध्रुव आर्कटिक क्षेत्र में और 1100 किलोमीटर खिसक गया.

ओरेगॉन के वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछली चार शताब्दियों में चुंबकीय ध्रुव की गति स्थिर थी लेकिन उसकी तुलना में पिछली शताब्दी में चुंबकीय ध्रुव की गति बढ़ी है.

चुंबकीय ध्रुवों की गति जानने के लिए वैज्ञानिक कार्बन डेटिंग नामक विधि का प्रयोग करते हैं.

उन्होंने पाया कि उत्तरी चुंबकीय ध्रुव पिछले 1000 वर्षों में बहुत अधिक खिसका है.

ये ध्रुव आमतौर पर उत्तरी कनाडा और साइबेरिया के बीच खिसका लेकिन कभी-कभी अन्य दिशाओं में भी गया.

परिवर्तन की गति

चुंबकीय ध्रुव की अभी जो गति है उसके हिसाब से उत्तरी चुंबकीय ध्रुव उत्तरी कनाडा से निकलकर साइबेरिया में खिसक जाएगा.

अगर ऐसा हुआ तो अलास्का में दिखाई देनेवाला ऑरोरा बोरिएलिस नामक दृश्य वहाँ नहीं दिखाई देगा.

इस घटना में सूर्य से निकलनेवाले आवेशित कण आयनमंडल की गैसों से मिल जाते हैं जिससे वहाँ चमक दिखाई देती है.

उत्तरी चुंबकीय ध्रुव को सबसे पहले 1831 में खोजा गया था. 1904 में जब वैज्ञानिक वहाँ दोबारा गए तो उन्होंने पाया कि ये 50 किलोमीटर खिसक गया है.

दिशासूचक यंत्र कम्पास का प्रयोग करनेवालों में सदियों से इस बात को लेकर असमंजस रहता था कि चुंबकीय ध्रुव और भौगोलिक ध्रुव में क्या अंतर है.

दरअसल कम्पास की सुई उत्तरी चुंबकीय ध्रुव को दर्शाती है ना कि भौगोलिक उत्तरी ध्रुव को.