मंगलवार, 29 नवंबर, 2005 को 01:23 GMT तक के समाचार
शायद बहुत सारी जोड़ियाँ इस शोध से असहमत हों लेकिन इटली के कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि जीवन में रोमांस साल भर से थोड़ा ही अधिक ही समय के लिए रहता है.
इटली की पाविया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी के जीवन में पहला-पहला-प्यार-है का जो संगीत बजता है, उसके पीछे असल भूमिका संभवतः मस्तिष्क में रहनेवाले एक रसायन की होती है.
शोधकर्ताओं ने पाया कि किन्हीं दो लोगों के बीच जिनके बीच नया-नया प्यार पनपा हो उनमें इस प्रोटीन का स्तर अधिक होता है.
लेकिन जब ऐसे लोगों की जिनके बीच संबंध लंबे समय से चले आ रहे हों, उनकी जाँच की गई, या ऐसे लोगों को परखा गया जो अभी प्यार की गाड़ी में सवार नहीं हुए हों, तो देखा गया कि इस प्रोटीन का स्तर कम था.
शोध
इस प्रोटीन को न्यूट्रोफ़िन्स कहा जाता है और शोधकर्ताओं ने 18 से 31 वर्ष तक की उम्र के पुरूषों और औरतों में इस प्रोटीन की जाँच की.
साइकोएंडोन्यूरोएंडोक्राइनलॉजी नामक जर्नल में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि शोधकर्ताओं ने 59 ऐसे लोगों की जाँच की जिन्होंने हाल ही में संबंधों की शुरूआत की थी.
उनकी तुलना की गई 59 ऐसे लोगों से जो या तो बहुत पहले से अपने साथी के साथ रह रहे थे या अकेले थे.
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिनके संबंध हाल ही में शुरू हुए थे इसमें इस प्रोटीन का स्तर अधिक पाया गया.
लेकिन रिपोर्ट तैयार करनेवाले एक शोधकर्ता ने ये कहा कि इसका अर्थ ये लगाना ग़लत होगा कि लोगों में प्रेम नहीं रहा, बल्कि ये सही होगा कि पहले जैसा भड़कीला प्यार नहीं रहा.
शोधकर्ता ने कहा,"प्यार और अधिक स्थायी होता है. लेकिन रोमांस वाला प्यार शायद ख़त्म हो जाता है".
वैसे उन्होंने कहा कि रूमानी प्रेम के बारे में वैज्ञानिकों का ज्ञान अभी बहुत कम है और इस बारे में और अधिक शोध करने की आवश्यकता है.