वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्यावरण में इस समय ग्रीन हाउस समूह की गैसों - कॉर्बन डाई ऑक्साइड और मीथेन की मात्रा इतने ऊँचे स्तर पर है जितनी पिछले क़रीब साढ़े छह लाख वर्षों में कभी नहीं रही.
अंटार्कटिक की सतह से तीन किलोमीटर नीचे से लिए गए बर्फ़ के नमूनों का अध्ययन करने वाले एक यूरोपीय दल ने यह निष्कर्ष निकाला है.
वैज्ञानिक कहते हैं कि यह शोध दिखाता है कि आज का माहौल अभूतपूर्व तरीके से गरम है.
यह शोध साइंस नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. इसी पत्रिका में प्रकाशित एक अन्य शोध में बताया गया है कि समुद्र का जल स्तर जितना पहले की शताब्दियों में बढ़ा होगा उससे दो गुना ज़्यादा रफ़्तार से बढ़ रहा हो सकता है.
शोध स्थान
यह शोध अंटार्कटिक क्षेत्र में डोम-सी नामक स्थान पर किया गया है जहाँ यह यूरोपीय परियोजना 1999 में शुरू की गई थी.
वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन के तहत क़रीब तीन हज़ार 270 मीटर नीचे तक खुदाई की यानी समय के मुताबिक़ नौ लाख साल पीछे का स्तर हासिल किया गया.
परियोजना के मुखिया स्विटज़रलैंड के बर्न विश्वविद्यालय के थॉमस स्टॉकर हैं.
उन्होंने कहा, "सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण बात ये है कि हम कॉर्बन डाई ऑक्साइड और मीथेन गैसों के मौजूदा स्तर को एक लंबी अवधि के संदर्भ में रख सकते हैं."
"हमने पाया है कि कॉर्बन डाई ऑक्साइड का स्तर किसी भी समय से 30 प्रतिशत ज़्यादा है और मीथेन का स्तर किसी भी समय से 130 प्रतिशत. और इनकी बढ़ोतरी का स्तर एकदम अभूतवूर्ण है - कॉर्बन डाई ऑक्साइड का पिछले क़रीब साढ़े छह लाख वर्षों में किसी भी समय से 200 गुना ज़्यादा."