सोमवार, 21 नवंबर, 2005 को 11:20 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएड्स ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि दुनिया भर में एचआईवी वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि धीमी गति से ही सही एचआईवी से प्रभावित देशों की संख्या बढ़ती जा रही है और इसे रोकने के प्रयास असफल साबित हो रहे हैं.
हालांकि दुनिया भर में संक्रमण की जो दर है उसकी तुलना में एशिया में संक्रमण की दर कम है.
इस इलाक़े में कोई 80 लाख लोग एचआईवी वायरस से प्रभावित हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया में एड्स धीरे-धीरे लेकिन लगातार फैल रहा है.
इसके मुताबिक़ वैसे थाइलैंड में संक्रमण की दर कम हुई है लेकिन कुछ समूहों में संक्रमण की दर बहुत ज़्यादा है.
रिपोर्ट के अनुसार सुइयों से दवा लेने वाले लोगों में से 45 फ़ीसदी इससे पीड़ित हैं और इनमें वे भी शामिल हैं जो नशा करते हैं.
घातक संबंध
इस साल की रिपोर्ट में एशिया में इंजेक्शन और वेश्वावृत्ति के बीच पनप रहा घातक संबंध सबसे अहम मुद्दा है.
चीन में हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि इंजेक्शन से नशीली दवा लेने वाली आधी वेश्यावृत्ति करती हैं और जो पुरुष नशा करते हैं उनमें से ज़्यादातर नियमित रुप से वेश्याओं के पास जाते हैं.
सुरुबाया और इंडोनेशिया में किए गए सर्वेक्षण से पता चला कि नशे के आदी पुरुषों में से 80 प्रतिशत वेश्याओं के पास जाते हैं और उनमें से कोई भी कंडोम का इस्तेमाल नहीं करता.
रिपोर्ट के अनुसार इस तरह एड्स वायरस पहले नशेड़ियों के इंजेक्शन के रास्ते फैलता है फिर वो वेश्याओं के पास पहुँचता है और फिर वेश्याएँ इसे अपने ग्राहकों को देती रहती हैं.
इस तरह वायरस से प्रभावित व्यक्ति जब घर पहुँचता तो वो वायरस अपनी पत्नी या साथी को देता है और रिपोर्ट कहती है कि यहीँ पर संक्रमण आम आदमी तक पहुँच जाता है.
रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि एशिया में सबसे चिंताजनक बात यही है.
दिक्कतें
यूएनएड्स ने कहा है कि इस संक्रमण को रोकना बड़ी चुनौती है.
लेकिन इसमें कई दिक्कतें भी हैं.
रिपोर्ट में उदाहरण के तौर पर बताया गया है कि यदि आप इंडोनेशिया में हैं और अपने साथ एहतियात के तौर पर भी इंजेक्शन लेकर घूम रहे हैं तो पुलिस नशेड़ी होने के शक में गिरफ़्तार कर लेती है.
यदि कोई महिला अपने साथ कंडोम लेकर घूमती है तो पुलिस उसे वेश्या होने के शक में गिरफ़्तार कर लेती है.
रिपोर्ट के अनुसार इसके चलते कोई एहतियात नहीं बरत रहा है और संक्रमण बढ़ता जा रहा है.
यूएनएड्स ने भारत और पाकिस्तान में भी लोक स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की सलाह दी है जिससे कि एड्स की गंभीर महामारी को रोका जा सके.