गुरुवार, 17 नवंबर, 2005 को 00:01 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने अमीर और ग़रीब के बीच प्रौद्योगिकी की खाई को पाटने के लिए विश्व समुदाय से और प्रयास करने की अपील की है.
ट्यूनिश में सूचना समाज पर विश्व सम्मेलन(WSIS) का उदघाटन करते हुए अन्नान ने कहा कि 'डिजिटल डिवाइड' से निपटने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की ज़रूरत है.
सम्मेलन में 170 देशों के 20 हज़ार से ज़्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.
तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के निर्धनतम देशों में लोगों के जीवन स्तर को उठाने में सूचना संचार तकनीक के उपयोग के तरीकों पर विचार किया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के सहस्राब्दी लक्ष्यों में एक यह भी है कि 2015 तक दुनिया के हर गाँव को इंटरनेट से जोड़ दिया जाए.
दुनिया भर में 14 प्रतिशत आबादी को ऑनलाइन सुविधा प्राप्त है. दूसरी ओर अमरीका की बात करें तो वहाँ की 62 प्रतिशत आबादी को यह सुविधा प्राप्त है.
फ़ायदे
अन्नान ने सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए एक बड़ी आबादी तक सूचना तकनीक के फ़ायदे नहीं पहुँच पाए हैं.
सूचना प्रौद्योगिकी के असीमित फ़ायदों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अवरोध राजनीतिक हैं, न कि वित्तीय."
सम्मेलन में इंटरनेट पर अमरीकी नियंत्रण के मुद्दे के छाए रहने की आशंका थी, लेकिन अंतिम घंटों में इस बारे में एक समझौता हो गया.
इस समझौते के तहत आगे भी इंटरनेट का प्रबंधन कैलीफ़ोर्निया स्थित संगठन इंटरनेट कॉर्पोरेशन फ़ॉर एसाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स(आईकैन) के हाथों में ही रहेगा.
यह संगठन अमरीका सरकार के प्रति जवाबदेह है.
चीन और ईरान जैसे देश इंटरनेट की देखरेख का ज़िम्मा संयुक्त राष्ट्र की अगुआई वाली किसी संस्था को दिए जाने की माँग करते रहे हैं.