मंगलवार, 04 अक्तूबर, 2005 को 10:34 GMT तक के समाचार
अमरीका के एक प्रमुख न्यूरो सर्जन डॉक्टर बेंजामिन कार्सन ने 10 वर्षीय जुड़वाँ बच्चियों सबा और फ़राह शकील के कई परीक्षण किए और घोषणा की है कि उनको सफलतापूर्वक अलग किया जा सकता है.
डॉक्टरों ने ऑपरेशन का फ़ैसला सबा और फ़राह के माता-पिता पर छोड़ दिया है.
जॉन्स हॉपकिंस चिल्ड्रन सेंटर के सर्जन डॉक्टर बेंजामिन कार्सन अमरीका से जुड़वाँ बच्चियों का परीक्षण करने विशेष रूप से दिल्ली आए थे.
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के चिकित्सा मामलों के निदेशक डॉक्टर अनुपम सिब्बल ने कहा कि जुड़वाँ बच्चियों की सर्जरी संभव है और अपोलो अस्पताल और जॉन हॉपकिंस अस्पताल के सर्जन मिलकर सर्जरी करेंगे.
उनका कहना था कि पहले कृत्रिम रूप में ऑपरेशन किया जाएगा और उसके बाद वास्तविक ऑपरेशन किया जाएगा.
यह ऑपरेशन छह चरणों का होगा और आखिरी चरण में गुर्दे का प्रत्यारोपण किया जाएगा.
जटिल ऑपरेशन
उल्लेखनीय है कि दोनों बच्चियों में मस्तिष्क में रक्त पहुँचानेवाली धमनी एक ही है और दोनों बच्चियों में सिर्फ़ एक ही बच्ची के पास गुर्दे हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि उनके शरीर के किसी अन्य हिस्से की धमनी को काटकर दिमाग़ में लगाना होगा.
जब डॉक्टर बेंजामिन कार्सन से यह सवाल पूछा गया कि ये ऑपरेशन कितना जटिल हो सकता है और इसमें सफलता की कितनी संभावना है, तो उन्होंने कहा कि ये बेहद जटिल ऑपरेशन होगा और सफलता की गारंटी कोई नहीं दे सकता.
बच्चियों के पिता शकील अहमद ने कहा कि अभी वो पटना जा रहे हैं और रमजान के बाद ऑपरेशन का फ़ैसला करेंगे.
बिहार में चाय की दुकान चलाने वाले शकील का कहना है कि इनके पास उतने पैसे नहीं थे कि इन बच्चियों का ऑपरेशन करवा पाते लेकिन अबूधाबी के राजपरिवार की मदद से यह काम हो रहा है.