गुरुवार, 11 अगस्त, 2005 को 09:30 GMT तक के समाचार
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का कहना है कि वो गुरुवार को मंगल ग्रह पर मानवरहित अंतरिक्ष यान भेजेगी.
इस अंतरिक्ष यान को बुधवार को भेजा जाना था लेकिन तकनीकी कारणों के चलते इसे स्थगित करना पड़ा था.
इस अभियान का मक़सद मंगल ग्रह का सर्वेक्षण कर मौसम बदलाव के उन कारणों का पता लगाना है जिनके चलते मंगल ग्रह मरुस्थल में बदल गया था.
इसके अलावा ये ढूँढने की कोशिश भी की जाएगी कि अगर भविष्य में मानव इस यान के ज़रिए मंगल पर आता है तो यान कहाँ उतारा जा सकता है.
यान में लगे कैमरे और स्पेक्ट्रोमीटर पानी होने के आसार से जुड़ी जानकारी ढूँढने का प्रयत्न करेंगे.
ये यान मार्च में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुँचेगा. मंगल ग्रह पर इससे पहले हुई जाँच के मुक़ाबले में ये यान दस गुना ज़्यादा डाटा भेज सकता है.
दूसरे अभियान
मंगल पर भेजा जाने वाला ये अब तक का सबसे बड़ा यान है और ये कई आधुनिक उपरकरण लेकर जा रहा है.
उधर ब्रितानी वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ये भी पता लग पाएगा कि मंगल पर भेजे गए बीगल-2 अभियान का आख़िरकर क्या हुआ था.
ओपन विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर कॉलिन कहते हैं कि अगर मंगल की सतह पर बीगल2 यान के कुछ अंश मिल जाएँ तो हम ये जान सकते हैं कि अभियान कहाँ तक पहुँचा था.
इससे पहले दो अमरीकी यान मार्स ग्लोबल सर्वेयर और मार्स ओडिसी मंगल
दो अमरीकी रोवर यान स्पिरिट और ऑपर्च्युनिटी भी पिछले 18 महीनों से मंगल पर हैं.
नासा इस दशक के अंत में मंगल पर दो और अभियान भेजने की योजना बना रहा है.
फ़ीनिक्स लैंडर यान को 2007 में भेजा जाएगा जबकि मार्स साइंस लैबॉरेटरि यान 2009 में जाएगा.