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शनिवार, 12 फ़रवरी, 2005 को 10:17 GMT तक के समाचार

दाँत की सफ़ाई से दिल को फ़ायदा!

दाँतों और दिल के सबंध को समझने में शायद आपको दिमाग़ पर ज़ोर डालना पड़े.

लेकिन एक अध्ययन में सामने आया है कि दाँतों की नियमित सफ़ाई दिल के लिए फ़ायदे का सौदा है.

कोलंबिया विश्वविद्यालय की एक टीम ने पाया है कि जिन लोगों को मसूड़े के रोग होते है, उनकी शिराओं के सुकड़ने की संभावना अधिक रहती है, जिसके कारण उन्हें ह्रदयाघात या दिल का दौरा पड़ सकता है.

ब्रिटिश दंत परिषद का कहना है कि इससे यह बात स्पष्ट होती है कि दाँतों की सफ़ाई का ध्यान रखना कितना ज़रुरी है.

शोधकर्ताओं ने उन 657 व्यक्तियों के मुँह में पाए जाने वाले जीवाणुओं का अध्ययन किया जिन्हें पहले कभी दिल का दौरा नहीं पड़ा था.

उन्होंने इन व्यक्तियों की कारोटिड धमनी की मोटाई का भी नाप लिया. कारोटिड धमनी रक्त को ह्रदय से मस्तिष्क तक ले जाने का काम करती है और दिल के रोग की जानकारी के लिए इसका नाप लिया जाता है.

शोधकर्ताओं ने देखा कि जिन व्यक्तियों के मुँह में मसूड़े के रोग पैदा करने वाले विशेष प्रकार के जीवाणु अधिक मात्रा में पाए गए, उनकी कारोटिड धमनी की मोटाई भी ज़्यादा है.

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि मुँह में दूसरे सामान्य जीवाणुओं के होने का दिल के रोग से संबध नहीं होता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि रोग पैदा करने वाले जीवाणु रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं जिससे धमनियाँ सूज कर अवरुद्ध हो जाती हैं.

कोलंबिया विश्वविद्यालय के डाक्टर मोएसे देसवारीइयू की अगुवाई में यह शोध किया गया.

उनका कहना है, "हमारा शोध इस बात का सीधा प्रमाण है कि मसूड़े के रोग से दिल का दौरा या ह्रदयाघात हो सकता है. दांतों के सक्रंमण को रोक कर उसका उपचार किया जा सकता है इसलिए दांतों की सुरक्षा करने से दिल की रक्षा भी होती है."

उन्होंने आगे कहा, "हम यह जानने के लिए उन लोगों पर अध्ययन करना जारी रखेंगे कि क्या शिराओं का सुकड़ना जारी रहता है और यह निश्चित रुप से दंत रोग से ही संबधित है."

उधर ब्रिटिश हार्ट फांउडेशन की प्रवक्ता जूडी ओ सलीवान का कहना है कि यह कहना एकतरफ़ा होगा कि धमनियों की सूजन को छोड़ कर सिर्फ़ दांतो के रोग ही चिंता का विषय हैं, क्योंकि दिल के रोग में सूजन कई अन्य कारणों जैसे धूम्रपान, ख़राब खानपान और निम्न आय के कारण भी हो सकती है.

ब्रिटिश दंत परिषद के प्रवक्ता का कहना है,"पहले किए गए कई अध्ययनों में भी दांतो की सही ढंग से सफ़ाई न करने का संबध दिल की बीमारी से जोड़ने की बात कही गई थी और इस शोध से इस बात को बल मिलता है."

उनके अनुसार यह शोध इस बात को भी सामने रखता है कि मसूडे का संक्रमण रोकने और दांतों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में दो बार दांतों की सफाई करना महत्वपूर्ण है.