शनिवार, 22 जनवरी, 2005 को 17:15 GMT तक के समाचार
दुनिया के लुप्तप्राय जानवरों में शामिल अमूर तेदुओं की संख्या और घट रही है.
वन्य जीव संरक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी ही उपाय न किए गए तो ये तेंदुए पूर्ण रुप से खत्म हो जाएंगे.
संरक्षकों का कहना है कि ये तेंदुए रुस में ही पाए जाते हैं और इनकी संख्या लगातार घटने के पीछे रुसी सरकार का एक फैसला है.
रुस की सरकार ने पिछले दिनों पूर्वी तट से होकर एक तेल पाइपलाइन बनाने की अनुमति दी है.
सरकार ने दिसंबर माह के अंत में यह फैसला किया था ताकि साइबेरिया से तेल को पूर्वी एशिया के देशों में भेजा जा सके.
ये तेंदुए इसी पूर्वी तट पर रहते थे. इन तेंदुओं की संख्या इतनी घट गई है कि अब मात्र 30 तेंदुए जंगलों में बचे हैं.
इससे पहले जंगलों की कटाई और आग लगने से वैसे ही तेंदुएं घट रहे हैं. कहा जा रहा है कि चिड़ियाघरों में 30 से अधिक ऐसे तेंदुए हैं.
लंदन के जीव विज्ञान सोसायटी के साथ काम करने वाले संरक्षकों का कहना है कि अगर पाइपलाइन बना दी गई तो एक भी तेंदुआ नहीं बचेगा.
ये संरक्षक रुसी सरकार से अपील कर रहे हैं कि पाइपलाइन का रास्ता बदल दिया जाए.