शुक्रवार, 17 दिसंबर, 2004 को 20:39 GMT तक के समाचार
मंगल ग्रह पर अतीत में पानी होने के सबूत की खोज को विज्ञान पत्रिका 'साइंस' ने इस साल की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक खोज माना है.
हालाँकि हर साल की तरह इस साल भी साइंस की यह प्रतिष्ठित सूची विवादों से अछूती नहीं है.
पत्रिका के संपादक डोनाल्ड केनेडी कहते हैं कि सूची में पहले नंबर की खोज की जगह मार्स रोवर द्वारा जुटाए गए सबूत को रखने में ज़्यादा सिरदर्द की ज़रूरत नहीं पड़ी.
लेकिन हर कोई उनकी बातों से सहमत नहीं दीखता.
कई विशेषज्ञों का मानना है कि फ़रवरी में दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिकों को मानव भ्रूण की क्लोनिंग करने में मिली सफलता कहीं दूरगामी प्रभाव डालेगी.
लंदन के क्लिनिकल साइंस सेंटर के निदेशक प्रोफ़ेसर क्रिस्टोफ़र हिग्गिंस कहते हैं, "मैंने रोवर्स को टॉप पर नहीं रखा होता. यह बड़ी तकनीकी सफलता है, लेकिन उन्होंने कोई जीवन के सबूत तो नहीं पाए. यदि ऐसा हुआ होता तो निश्चय ही उससे मैं बहुत उत्साहित होता."
साइंस पत्रिका ने वर्ष 2004 की सर्वश्रेष्ठ खोजों में दूसरे नंबर पर इंडोनेशिया में बौने मानव की प्रजाति के अवशेषों की खोज को रखा है.
प्रतिद्वंद्वी विज्ञान पत्रिका 'नेचर' ने इस हॉबिटनुमा मानव के 13 हज़ार साल पहले अस्तित्व में होने की जानकारी दुनिया तक पहुँचाई थी.
वर्ष 2004 की 10 सर्वश्रेष्ठ खोजों की साइंस पत्रिका की पूरी सूची-
1. मंगल पर पानी- मंगल ग्रह पर पहुँचे नासा के रोबोटिक यंत्र स्पिरिट और ऑपर्च्युनिटी ने लाल ग्रह की सतह पर अतीत में नमकीन और अम्लीय जल मौजूद होने के पुख़्ता सबूत जुटाए.
2. हॉबिट मानव- पुरातत्वविदों के एक दल ने इंडोनेशिया के फ़्लोरिस द्वीप पर मात्र एक मीटर लंबे मनुष्यों की हाल तक मौजूदगी के सबूत जुटाए. इससे पहले ऐसी किसी मानव प्रजाति के कोई अवशेष नहीं मिले थे.
3. मानव क्लोनिंग- दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिकों ने मानव भ्रूण की क्लोनिंग करने में सफलता पाई.
4. कॉन्डेन्सेट्स या शीत गैसों का रहस्य- वैज्ञानिक अत्यंत ठंडे गैसों के रहस्यों का खुलासा कर भौतिकी के कुछ प्रमुख सवालों का जवाब पाने में सफल रहे.
5. जंक डीएनए की भूमिका- यह पता लगाया जाना कि तथाकथित 'जंक' डीएनए वास्तव मे बहुत उपयोगी हैं. ये जीनों के सही समय पर सही जगह सक्रिय होने में सहायक हैं.
6. पल्सार युग्म- खगोल भौतिकविदों ने पल्सारों या भूम रहे न्यूट्रॉन तारों के पहले युग्म का पता लगाया जो विकिरण का प्रवाह छोड़ते हैं.
7. घटती जैव विविधता- एक व्यापक अध्ययन में इस बात के पूरे सबूत मिलना की धरती पर जैव विविधता लगातार कम होती जाती है.
8. जल का रहस्य- पानी की बनावट और इसके रासायनिक गुणों के बारे में मिली नई जानकारियों से विज्ञान की कई शाखाओं में बड़े-बड़े परिवर्तन आने की उम्मीद है.
9. ग़रीबों के लिए दवाएँ- औषधि उत्पादन की दुनिया में सरकारी और निजी क्षेत्र में साझेदारी के कई उदाहरणों से साफ ज़ाहिर है कि दवाओं के विकास और तीसरी दुनिया की जनता तक उनकी आपूर्ति के तरीके बदल रहे हैं.
10. जीन पहचान का नया तरीका- वैज्ञानिकों अत्यंत सूक्ष्म जीवों की पहचान का नया तरीका विकसित किया है. अब अलग-अलग जगहों से पानी जमा कर उसमें तैर रहे जीनों का वर्गीकरण संभव हो गया है.