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सोमवार, 01 नवंबर, 2004 को 01:17 GMT तक के समाचार

ब्रितानी नर्सें अमरीका की ओर

ब्रिटेन में कुछ ताज़ा आँकड़ों में दावा किया गया है कि अमरीका में नौकरी के लिए देश छोड़ कर जाने वाली नर्सों की संख्या बढ़ती जा रही है जिससे देश की स्वास्थ्य सेवा - एनएचएस में नर्सों की भारी कमी हो सकती है.

लेकिन ब्रिटेन सरकार ने इस दावे का खंडन किया है.

ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग का कहना है कि पिछले साल 2000 नर्सें ब्रिटेन छोड़ कर अमरीका चली गई थीं जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या मानी जा रही है.

लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 1997 से ब्रिटेन में 77000 नर्सें नियुक्त की गई हैं और ब्रिटेन छोड़ कर जाने वाली नर्सों की संख्या उससे बहुत कम है.

सरकार का कहना है कि ब्रिटेन की नर्सों के लिए अमरीका हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा है.

रॉयल कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले ये आँकड़े जारी किए.

रिपोर्ट ने इस समस्या के लिए अमरीका में नौकरियों में नए प्रोत्साहन की व्यवस्था को दोषी ठहराया है.

नौकरियों के लिए अमरीका बड़ा वेतन और अच्छे जीवन स्तर का लालच दे रहा है और ये लालच नर्सों को अमरीका की और तेज़ी से खींच रहा है.

अमरीका वर्ष 2010 तक दस लाख नर्सें नियुक्त करना चाहता है.

हाल के वर्षों में ब्रिटेन ने अपने यहाँ नर्सों की कमी पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी नर्सों की नियुक्ति की है.

रॉयल कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के अनुसार देश के बाहर से बुला कर नियुक्त की गई नर्सों की संख्या अब एनएचएस में काम कर रही हर चार में से एक हो गई है.

लेकिन इसने ये चेतावनी भी दी है कि ब्रिटेन के अस्पतालों में पिछले कुछ वर्षों में बाहर से आ रही नर्सों की बढ़ रही संख्या अब ख़तरा बनने लगी है.

कुछ महीने पहले मैन पावर इकॉनोमिक्स ने 2003 के आँकड़े प्रकाशित किए थे जिनमें दिखाया गया था कि उस साल प्रत्येक दस में से एक नर्स ने एनएचएस छोड़ा था.

इसके अलावा एनएचएस में भर्ती हो रही नई प्रशिक्षित नर्स केवल दस प्रतिशत हैं.