गुरुवार, 19 अगस्त, 2004 को 10:18 GMT तक के समाचार
सूर्य से सबसे दूर के ग्रहों में से एक वरुण यानी नेप्च्यून के पाँच नए चद्रमाओं का पता चला है.
इसके साथ ही इस विशालकाय ग्रह के चंद्रमाओं की संख्या 13 हो गई है.
पाँच में से दो चंद्रमा उसी दिशा में वरुण की परिक्रमा करते हैं जिस दिशा में ख़ुद वरुण घूमता है जबकि तीन उसके विपरीत परिक्रमा करते हैं.
वैसे तो बड़े ग्रहों के कई चंद्रमा हैं लेकिन पहले माना जाता था कि वरुण के पास दो ही चंद्रमा हैं. जिनमें से एक विशालकाय चंद्रमा ट्राइटन है.
उस समय समझा जाता था कि ट्राइटन उन सभी छोटे उपग्रहों को लील लेता है जो उसके रास्ते में आते हैं लेकिन शनि के चंद्रमाओं की खोज करने वाले वैज्ञानिक मैथ्यू हॉलमैन को इस सिद्धांत पर शक हुआ.
वे कहते हैं, "हमने शनि के चंद्रमाओं की प्रणाली को देखा और फिर उसकी तुलना वरुण से की. इससे हमें संकेत मिल गए कि वरुण के पास और चंद्रमा होंगे."
डॉक्टर हॉलमैन ने पाया कि वरुण के पास कई और चंद्रमा हैं.
नए चंद्रमा
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक दल ने 2001 से 2003 के बीच अमरीकी वेधशाला में इन चंद्रमाओं की तलाश की.
वरुण के नए चंद्रमा अनियमित कक्षा में परिक्रमा करते हैं.
शोधकर्ताओं का कहना है कि वे सौर मंडल में वरुण की कक्षा के बाहरी हिस्से से आए हो सकते हैं.
एक और वैज्ञानिक क्रिस राइली का कहना है कि आने वाले दिनों में सौर मंडल में कई और चंद्रमाओं का पता चल सकता है.
उनका कहना है, "हर चंद्रमा की अपनी एक कहानी होती है. और यदि हम सौर मंडल के बारे में जानना चाहते हैं तो सिर्फ़ नौ ग्रहों के पीछे लगे रहना नासमझी होगी."