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गुरुवार, 01 जुलाई, 2004 को 03:57 GMT तक के समाचार

शनि की परिक्रमा करने पहुँचा कसिनी

पहली बार कोई अंतरिक्ष यान शनि ग्रह के वलय से होकर गुजरा है.

कसिनी-होयगन्स नामक यह यान अब शनि की कक्षा में स्थापित होने की तैयारी कर रहा है.

सात साल तक 12 किलोमीटर प्रति सेकेंड की तेज़ रफ़तार से चल कर कसिनी शनि के पास पहुँचा.

हमारे सौर मंडल के दूसरे सबसे बड़े ग्रह के रंग-बिरंगे वलयों से गुजरने के बाद ट्रक के आकार का यह यान अपने रॉकेटों को फ़ायर कर रहा है.

ऐसा यान की रफ़्तार को कम करने के लिए हो रहा है ताकि यह शनि की कक्षा में प्रवेश कर सके.

यदि कसिनी का यह प्रयास सफल रहा तो यह शनि की परिक्रमा करने वाला पहला अंतरिक्ष यान होगा.

चंद्र समूह

तीन अरब किलोमीटर की दूरी तय कर चुके अमरीकी अंतरिक्ष यान कसिनी को बनाने में 330 करोड़ डॉलर का ख़र्च आया है.

यदि यह शनि की कक्षा में ख़ुद को स्थापित करने में सफल रहा तो अगले चार साल तक यह शनि और उसके ज्ञात 31 चाँदों का अध्ययन कर सकेगा.

कसिनी-होयगन्स अभियान के दो हिस्से हैं.

इसमें जहाँ कसिनी यान चार वर्षों तक शनि और उसके उपग्रहों का अध्ययन करेगा, वहीं होयगन्स नामक लैंडर को शनि के सबसे बड़े चाँद टाइटन पर जनवरी में उतारा जाएगा.

होयगन्स को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने तैयार किया है.