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पोलियो हटाने के लिए आपात बैठक

उन देशों के अधिकारियों की स्विट्ज़रलैंड में बैठक हो रही है जहाँ पोलियो के मामले अब भी पाए जा रहे हैं इनमें भारत भी शामिल है.

इस बैठक में पोलियो वायरस के उन्मूलन के लिए अभियान तेज़ किए जाने पर चर्चा होगी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अभियान ने 119 देशों से पोलिया को उन्मूलन कर दिया है.

इनमें पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, नाइजीरिया, नाइजर और मिस्र शामिल हैं.

पोलियो विशेषज्ञ डेरेल साल्क ने बीबीसी से कहना था, इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए नई वैक्सीन की ज़रूरत है.

हाल के महीनों में नाइजीरिया में इन अफ़वाहों के बाद वैक्सीन का इस्तेमाल बंद कर दिया है कि यह नपंसुकता पैदा करती है.

भारत में बाधा

भारत में भी इसी तरह की अफ़वाह पेलियो उन्मूलन में बाधा बनी हुई है.

भारत में पोलियो के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश से सामने आते हैं.

विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में पोलियो के अधिक मामलों की वजह वहाँ कि ग़रीबी, गंदगी और निरक्षरता है.

राज्य के अधिकारियों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में ख़राब गुणवत्ता वाले टीकों की सप्लाई भी यहाँ पोलियो की रोकथाम में बाधक साबित हुई है.

अधिकारियों का यह भी मानना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग बच्चों को टीका लगवाने में काफ़ी हिचकते हैं.

ये अफ़वाह ख़ास तौर पर मुसलमान परिवारों में है कि पोलियो की दवा देकर सरकार उनके बच्चों की प्रजनन क्षमता ही ख़त्म कर देना चाहती है.

इन लोगों में यह डर घर कर गया है कि पोलियो की बूंदों में ऐसी दवा है जिसे बच्चे नपुंसक हो जाएँगे और इस तरह से सरकार परिवार नियोजन की अपनी मंशा पूरी कर लेगी.