अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने जो यान मंगल गृह पर भेजा है उसने सफलतापूर्वक वहाँ पहुँचने के बाद तस्वीरें भेजनी शुरू कर दी हैं जो नासा को मिलने भी लगी हैं.
छह पहियों वाले इस रोबोट ने मंगल पर उतरने के कुछ ही घंटे बाद तस्वीरें भेजना शुरू कर दिया.
छह पहियों वाले इस रोबोट को मंगल पर ले जाने वाले स्पिरिट नामक यान की यात्रा में कुछ महीने पहले बाधा आ गई थी.
अब मंगल ग्रह से प्राप्त होने वाली तस्वीरें में इस यान की वहाँ मौजूदगी भी दिखी जा सकती है.
नासा अधिकारियों का कहना है कि इन तस्वीरों से पता चलता है कि मंगल ग्रह पर किसी सूखी झील जैसा दृश्य नज़र आ रहा है.
नासा के एक वैज्ञानिक जॉन कलास ने कहा, "तस्वीरें बहुत ही अनोखी हैं."
"तस्वीरें बहुत साफ़ सुथरी हैं, इतनी साफ़ कि यक़ीन नहीं आ रहा. इससे अच्छा तो कुछ और हो ही नहीं सकता."
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या मंगल ग्रह पर कभी पानी रहा है जिससे यह पता चल सके कि वहाँ जीवन संभव है या नहीं.
लंबी यात्रा
यह यान ज़मीन से क़रीब पचास करोड़ किलोमीटर की यात्रा तय करके मंगल पर पहुँचा.
मंगल पर अपना यान उतारने की नासा की तीन में से दो कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं.
इससे पहले ब्रिटेन ने भी मंगल ग्रह के लिए बीगल-2 नाम का एक यान भेजा था लेकिन उसके बारे में अभी कुछ पता नहीं चल सका है.
बीगल-2 को क्रिसमस दिवस यानी 25 दिसंबर को मंगल ग्रह पर उतरना था.
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी अब भी ग़ायब हुए बीगल-2 की तलाश कर रही है और उसका कुछ अता-पता नहीं है.
नासा का दूसरा मंगल यान अपोर्च्यूनिटी इस महीने के आख़िर में वहाँ पहुँचने वाला है.