अमरीका के मंगल अभियान के तहत दो में से पहला 'स्पिरिट' नाम का रोबॉट वाहन रविवार को वहाँ उतर गया है और उसने पहला संकेत दे दिया है.
इसे अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने तैयार किया है और ये मंगल पर पानी का पता लगाएगा.
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से इस बात का जवाब मिलने में आसानी होगी कि मंगल पर जीवन की संभावना है या नहीं.
'स्पिरिट' के नाम से जाना जाने वाला ये वाहन एक बच्चे गाड़ी जितना बड़ा है और इसे पैराशूट और एयरबैग की सहायता से उतारा गया है.
इसके अलावा दूसरा रोबॉट वाहन 'ऑपरच्युनिटी' 24 जनवरी को मंगल को छुएगा.
इसके पहले ब्रिटेन का बीगल-2 अभियान सफल नहीं हो सका था.
इसे क्रिसमस के दिन मंगल पर उतरना था लेकिन तब से इससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है और न ही ऐसे संकेत मिले हैं कि ये सफलतापूर्वक उतर गया है.
जीवन
मंगल ग्रह पर खोजबीन में काफ़ी समय से रुचि रही है और माना जाता है कि इस ग्रह पर जीवन होने की संभावना सबसे ज़्यादा है.
इस बात के कुछ निशान मिले हैं कि मंगल पर कभी समुद्र और झीलें हुआ करती थीं.
मंगल पर जीवन की खोज में अमरीका और रूस ने 1960 के दशक के बाद से वहाँ अंतरिक्ष यान भेजने की कई कोशिशें की हैं.
लेकिन अब तक केवल तीन प्रयासों को ही सफलता मिली.
1976 में 'वाइकिंग' मंगल तक पहुँचा और 1997 में 'मार्स पाथफ़ाइंडर' अभियान ने मंगल की खोजबीन की कोशिशें कीं.