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धूमकेतु से धूलकण ला रहा है स्टारडस्ट

अमरीकी अंतरिक्ष यान स्टारडस्ट पाँच साल की यात्रा के बाद धूमकेतु वाइल्ड-2 के क़रीब पहुँच गया है और उसने वहाँ मौजूद धूलकणों को समेट लिया है.

ये धूलकण धरती पर भेजे जाएँगे.

किसी भी धूमकेतु तक यह अपने तरह का पहला अभियान है.

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान स्टारडस्ट शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 1950 बजे के क़रीब धूमकेतु से होकर गुजरा.

उस दौरान स्टारडस्ट में मौजूद जेली जैसे पदार्थ में वाइल्ड-2 के धूल कण चिपक गए.

ये धूल कण एक कैप्सुल के रूप में सुरक्षित रहेंगे और अब से दो साल बाद 2006 में धरती तक पहुँचेंगे.

महत्वपूर्ण

वैज्ञानिकों का मानना है कि स्टारडस्ट द्वारा जुटाए गए धूलकणों से न सिर्फ धूमकेतुओं के बनावट के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि सौर मंडल के शुरुआती स्वरूप पर भी रोशनी पड़ सकेगी.

उल्लेखनीय है कि धूमकेतुओं का जन्म सौर मंडल के निर्माण के समय ही अरबों साल पहले हुआ था.

वाइल्ड-2 धूमकेतु मात्र 5.4 किलोमीटर चौड़ा है.

पाँच मीटर लंबे स्टारडस्ट यान से इसकी मुलाकात के महत्व के बारे में इस अभियान से जुड़े मुख्य वैज्ञानिक वाशिंग्टन विश्वविद्यालय के डॉ. डॉन ब्राउनली कहते हैं, "हाल दशकों में कई यान धूमकेतुओं के पास से गुजरे हैं, लेकिन ये पहली बार है कि हम किसी धूमकेतु से नमूने धरती तक ला पाएँगे."