ब्रिटेन के बीगल2 परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों ने कहा है कि हो सकता है उनका यान मंगल ग्रह की सतह पर किसी क्रेटर में जा गिरा हो.
क्रेटर मंगल की सतह पर उस इलाक़े में स्थित पाया गया है जहाँ बीगल2 को उतरना था.
वैज्ञानिकों को संदेह है कि एक वर्गकिलोमीटर आकार के इस क्रेटर में बीगल2 जा उतरा होगा, और शायद इसी कारण उससे संपर्क स्थापित नहीं किया जा सका है.
यदि वास्तव में ऐसा होता है तो वैज्ञानिकों के अनुसार बीगल2 से संपर्क साध पाना मुमकिन नहीं होगा.
हालाँकि बीगल2 परियोजना के प्रमुख वैज्ञानिक कॉलिन पिलिंजर के अनुसार बीगल2 के क्रेटर में जा गिरने की आशंका बहुत ही क्षीण मानी जानी चाहिए.
उन्होंने कहा, "हम बहुत ही दुर्भाग्यशाली होंगे जो यान सीधे क्रेटर में जा उतरा हो."
क्रेटर की तस्वीर मार्स ग्लोबल सर्वेयर यान ने भेजी है जो मंगल का चक्कर लगा रहा है.
सर्वेयर पर लगे कैमरे को संचालित कर रहे मैलिन स्पेस साइंस सिस्टम्स ने क्रेटर की पहचान की और रविवार रात बीगल2 टीम को उसकी तस्वीर भेजी.
यदि बीगल2 क्रेटर की ढलान पर भी उतरा हो तो भी उसे भारी क्षति पहुँची होगी.
चूंकि क्रेटर कोई 700 मीटर गहरा है इसलिए बीगल2 के उसमें गिरने की स्थिति में उसके सौर पैनल को सक्रिय करने के लिए धूप भी उपलब्ध नहीं होगी.