माइक्रोसॉफ़्ट ने घोषणा की है कि वो अपने कुछ पुराने उत्पादों की बिक्री बंद करने जा रही है.
कंपनी ने कहा है कि वो अब विंडोज़-98, विंडोज़ एनटी-4 और आउटलुक 2000 को नहीं बेचेगी.
कंपनी का कहना है कि उसने ये फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि इसमें जो कोड है वो एक सौदे के तहत सन माइक्रो सिस्टम के पास चला गया है.
इस फ़ैसले से दुनिया भर में हज़ारों कंपनियों और लोगों को परेशानी पैदा हो सकती है.
एक सर्वेक्षण के अनुसार जिन संस्थानों के पास 10 या उससे अधिक कंप्यूटर हैं, वो अब भी पुराने विंडोज़ का इस्तेमाल करते हैं.
अमरीकी कंपनी एसेट मैट्रिक्स ने सर्वेक्षण में पाया कि उसने जिन कंपनियों का सर्वेक्षण किया गया उनमें से 80 प्रतिशत अब भी विडोज़-98 या फिर 95 का इस्तेमाल कर रही थीं
सर्वेक्षण
कंपनी ने पाया कि केवल सात प्रतिशत कंपनियाँ ही विडोज़-एक्सपी का इस्तेमाल कर रही हैं.
इसमें ये तथ्य भी उभरकर आया कि विडोज़-2000 सबसे अधिक लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम है.
इस सर्वेक्षण में 670 कंपनियों और तीन लाख 75 हज़ार कंप्यूटरों को शामिल किया गया था.
इनमें से कुछ कंपनियों के पास 49 हज़ार कंप्यूटर तक थे.
जावा के लाइसेंस विवाद के बाद माइक्रोसॉफ़्ट और सन के बीच जनवरी, 2001 में समझौता हुआ था.
इसमें माइक्रोसॉफ़्ट ने आश्वासन दिया था कि वो विवादित जावा कोड वाले उत्पादों को हटा लेगी.
इसका अर्थ ये लगाया जा रहा है कि अब माइक्रोसॉफ़्ट विडोज़-98 के लिए वायरस हमलों से बचाव के लिए सुरक्षा पैकेज भी उपलब्ध कराना बंद कर देगी.
विडोज़-98 में परेशानी को मुफ़्त में ठीक कराने की सुविधा माइक्रोसॉफ़्ट पहले ही बंद कर चुकी है.
साथ ही विडोज़-95 को भी 31 दिसंबर, 2002 को प्रचलन से बाहर घोषित किया जा चुका है.