अमरीका के वैज्ञानिकों ने शरीर के दूसरे हिस्सों की कोशिकाओं के सहारे सक्रिय शुक्राणु पैदा करने में सफलता पाई है.
ऐसी कोशिकाओं को चूहों के अंडाणुओं पर आज़माया गया और निषेचन से भ्रूण बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई.
अगर यह प्रयोग सुरक्षित साबित हुआ, तो स्टेम कोशिकाएँ नपुंसक पुरुषों के लिए सक्रिय शुक्राणुओं का स्रोत बन सकती हैं.
हालाँकि वैज्ञानिकों का मानना है कि इसमें सालों लग सकते हैं.
ब्रिटेन के जानकारों का कहना है कि इसकी कोई गारंटी नहीं कि इस तरीक़े से विकसित भ्रूण सामान्य रूप से ही विकसित होगा.
दुनिया भर में ऐसे पुरुषों की संख्या बहुत ज़्यादा है जिनमें शुक्राणु या तो पैदा ही नहीं होता या वो चिकित्सा के बाद इसके योग्य ही नहीं रहते.
कई पुरुषों को बच्चा पैदा करने के लिए दूसरों के शुक्राणुओं का सहारा लेना पड़ता है.
इस स्थिति में स्टेम कोशिकाएँ एक विकल्प हो सकती है. इन्हें 'मास्टर कोशिकाएँ' भी कहा जाता है.
ये कोशिकाएँ अनुकूल स्थिति में उन उत्तकों के रूप में बदल सकती हैं, जिनकी भ्रूण विकसित होने में ज़रूरत होती है.
सिद्धांत रूप में वैज्ञानिकों का मानना है कि ख़ास किस्म की स्टेम कोशिकाएँ शुक्राणु कोशिकाओं में बदल सकती हैं.
मासाच्यूसेट्स में व्हाइटहेड इंस्टीच्यूट ऑफ़ बायोमेडिकल रिसर्च में बोस्टन और हॉवर्ड विश्वविद्यालय के अस्पतालों के साथ मिलकर यह शोध किया.
चूहों के अंडाणुओं पर प्रयोग से साबित हुआ कि स्टेम कोशिकाओं से भ्रूण बनने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
लेकिन अभी इस प्रयोग से नया जीव तैयार नहीं हो पाया है. कई जानकारों ने इस पर संदेह व्यक्त किया है कि इस तरह से विकसित शुक्राणु कोशिकाएँ पूरी तरह सफल हो पाएँगी.