वैज्ञानिकों का कहना है कि से लगता है कि मंगल पर मानव अभियान संभव है. उनके विश्वास का आधार अमरीकी अंतरिक्ष यान मार्स ऑडिसी से उपलब्ध सूचनाएँ हैं.
जो आँकड़े उपलब्ध हुए हैं, उनके अनुसार मंगल का विकिरण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ तो उत्पन्न कर सकता है लेकिन वह घातक नहीं हैं.
मार्स ऑडिसी को दो साल पहले मंगल के लिए प्रक्षेपित किया गया था और उसने अनेक जानकारियाँ भेजी हैं.
सैन फ़्रांसिस्को में अमेरिकन ज्योफ़िज़िकल यूनियन की सालान बैठक में ये सूचनाएँ प्रस्तुत की गईं.
नेशनल स्पेस बायोमेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट की कैरी ज़िटलिन के अनुसार मार्स ऑडिसी से मिली जानकारी से लगता है कि मंगल पर मानव को विकिरण की जिस मात्रा का सामना करना होगा वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुँचने वाले विकिरण से दोगुना होगा.
रद्द
इस बीच जापान ने मंगल का अभियान रद्द कर दिया है.
जापान की अंतरिक्ष एजेंसी का कहना है कि उनके नोजोमी अंतरिक्ष यान में कुछ तकनीकि ख़राबी आ गई थी.
इसको सुधारने की कोशिशें नाकाम हो गईं थी.
उसके बाद इस अभियान को रद्द कर दिया गया.
रूस के अंतरिक्ष अधिकारियों ने 2015 तक कुछ लोगों को मंगल ग्रह पर भेजने की एक योजना तैयार की है.
रूसी वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष अनुसंधान की इस बड़ी बाधा को पार करने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है.
एक साल से अधिक चलने वाले इस मिशन में 6 लोग हिस्सा लेंगे.
रूस के अनुसार इसमें 20 अरब डॉलर का खर्च आएगा.