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माइक्रोसॉफ़्ट गूगल को ख़रीदने की ताक में

सॉफ़्टवेयर की महारथी कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट और इंटरनेट खोज में सबसे बड़ी वेबसाइट गूगल के बीच साझेदारी के लिए कोशिशें चल रही हैं.

अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि माइक्रोसॉफ़्ट ने गूगल से हाथ मिलाने के लिए पिछले कुछ दिनों में बातचीत करने की कोशिश की है लेकिन अभी कुछ ठोस प्रगति नहीं हुई है.

अख़बार ने कुछ अज्ञात सूत्रों के हवाले से ख़बर छापी है कि गूगल ने अभी इस सौदे की बात नहीं मानी है बल्कि इसके उलट अपने शेयर बाज़ार में उतारने की योजना पर अमल कर रही है.

माइक्रोसॉफ़्ट के एक प्रवक्ता ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कोई भी टिप्पणी करने से यह इनकार कर दिया कि वह इन "अफ़वाहों" की न तो पुष्टि करेंगे और न ही खंडन.

गूगल से हाथ मिलाने की माइक्रोसॉफ़्ट की कोशिश के बारे में यह कहा जा रहा है कि माइक्रोसॉफ़्ट शायद गूगल की लोकप्रियता और प्रगति से परेशान है और उसे अपने भविष्य के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देख रहा है.

तरक़्क़ी

गूगल की शुरुआत 1998 में हुई थी और आज यह वेबसाइट इंटरनेट पर कुछ भी तलाशने के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाती है.

स्टेनफ़र्ड विश्वविद्यालय के दो स्नातकों लैरी पेज और सर्गी ब्राइन ने इस वेबसाइट की शुरुआत की थी और देखते ही देखते सिर्फ़ पाँच साल में इसने इंटरनेट की दुनिया में करिश्मा कर दिखाया है.

अभी इन दोनों कंप्यूटर और इंटरनेट दीवानों की उम्र सिर्फ़ तीस साल है.

गूगल की लोकप्रियता में तब और उछाल आया जब याहू ने अपने यहाँ खोज के लिए गूगल का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया.

गूगल इतनी सक्षम है कि कोई भी शब्द लिखकर तलाशने से उसके बारे में तमाम जानकारी सामने रख देती है.

यह निजी कंपनी है और अपनी वित्तीय सूचनाओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं करती है लेकिन अनुमान लगाया जाता है कि विज्ञापनों के ज़रिए होने वाली आमदनी क़रीब एक अरब डॉलर के आसपास है.

गूगल अगले साल के शुरु में शेयर बाज़ार में उतरने की योजना बना रही है और अपने शेयर बेचने के लिए उसने कुछ बैंकों और कंपनियों की एक सूची तैयार की है.

यह भी कहा जा रहा है कि गूगल अपने शेयर सीधे इंटरनेट के ज़रिए बेचने पर विचार कर रही है ताकि किसी घोटाले की आशंका न रहे.