चीन ने अंतरिक्ष में अपने पहला यात्री भेज दिया है.
इसके साथ ही चीन अंतरिक्ष में 'तैकोनॉट' यानी अंतरिक्ष यात्री भेजनेवाला तीसरा देश बन गया है.
चीन से अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले इस मानव को 'तैकोनॉट' कहा जा रहा है.
ठीक उसी तरह जैसे कि अंतरिक्ष जाने वालों को रूस में 'कॉस्मॉनॉट' और अमरीका में 'ऐस्ट्रॉनॉट' कहा जाता है.
चीन ने गोबी रेगिस्थान में स्थित अंतरिक्ष केंद्र से अपने एक यात्री को इस यान के ज़रिए भेजा.
चीन के टेलीविज़न ने अपने सामान्य कार्यक्रम रोक कर अंतरिक्ष यात्री को भेजे जाने की घोषणा की.
चीन की समाचार एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि ये अभियान सफल रहा है.
ये अंतरिक्ष यान पृथ्वी की कक्षा के 14 चक्कर लगाएगा और लगभग 24 घंटे वहाँ रहने के बाद वापस आ जाएगा.
उपलब्धि
अब तक केवल अमरीका और रूस के पास ही मानव को अंतरिक्ष में भेज पाने की विशेषज्ञता हासिल थी.
चीन ने अंतरिक्ष यान का पहला परीक्षण नवंबर 1999 में किया गया था और यह 12 घंटे तक अंतरिक्ष में रहने के बाद धरती पर लौटा था.
इसके बाद जनवरी, 2001 में एक और यान अंतरिक्ष में भेजा गया था.
माना जाता है कि चीनी अंतरिक्ष यान रूसी तकनीक पर आधारित हैं लेकिन चीन के इंजीनियरों ने इसमें भारी फेरबदल किए हैं.