कॉफ़ी का एक प्याला आपके दिमाग़ को सक्रिय बनाने के अलावा आपके शुक्राणुओं को भी फ़ुर्तीला बनाता है.
ब्राज़ील में एक अनुसंधान में यह बात सामने आई है.
सैन अन्तोनियो स्थित अमेरिकन सोसायटी फ़ॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसीन की बैठक में ब्राज़ील के वैज्ञानिकों ने यह घोषणा की.
बैठक में पुरुषों की संतानोत्पत्ति क्षमता पर दवाओं के प्रभाव पर चर्चा हो रही है.
ब्राज़ील में साओ पाउलो विश्विद्यालय के वैज्ञानिकों ने पाया कि कॉफ़ी में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व शुक्राणुओं की सक्रियता बढ़ाते हैं.
यह शुक्राणुओं के अंडाणुओं से मिलन की संभावना को भी बढ़ाता है जिससे परिणामस्वरूप गर्भधारण होता है.
तंबाकू और गाँजा
दूसरी ओर तंबाकू में पाए जाने वाले रसायन शुक्राणुओं की क्षमता पर कोई सकारात्मक असर नहीं डालते.
उलटे तंबाकू सेवन से पुरुषों में नपुंसकता के लक्षण पैदा होने की आशंका रहती है.
वैज्ञानिको ने पाया कि गाँजा सेवन शुक्राणुओं की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है.
बफ़ैलो विश्विद्यालय में एक अनुसंधान में पाया गया कि नियमित रूप में गाँजा पीने पाले पुरुषों में वीर्य की मात्रा तो कम होती ही है, उसमें शुक्राणुओं की संख्या भी कम होती है.
वैज्ञानिकों के अनुसार गाँजा शुक्राणुओं को सुस्त नहीं बनाता.
दरअसल इसके असर में शुक्राणु बहुत जल्दी अतिसक्रिय हो जाते हैं. यानी अंडाणु तक पहुँचते-पहुँचते वे बेअसर हो जाते हैं.