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शनिवार, 30 मई, 2009 को 02:52 GMT तक के समाचार

कैबिनेट में 100 दिन की रूपरेखा पर चर्चा

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुआई में शनिवार को 15वीं लोकसभा की जंबो कैबिनेट की पहली बैठक बुलाई गई.

जानकारी के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के साथ संसद के दोनों सदनों की साझा बैठक में राष्ट्रपति के भाषण पर चर्चा की.

बताया जा रहा है कि कैबिनेट की इस बैठक में सरकार के अगले 100 दिनों के कामकाज की रूपरेखा की भी चर्चा की गई.

इस बैठक में राष्ट्रपति के भाषण के लिए मंत्रियों का साथ विचार विमर्श हुआ ताकि राष्ट्रपति के भाषण को अंतिम रूप दिया जा सके.

दरअसल, भारत में नई सरकार का गठन होने पर राष्ट्रपति के दोनों सदनों की साझा बैठक को संबोधित करने की परंपरा रही है.

इस भाषण में राष्ट्रपति एक तरह से सरकार के लक्ष्य और कामकाज की रूपरेखा की बानगी प्रस्तुत करते हैं.

इस बार भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल इस भाषण के साथ देश के सामने नई सरकार के दृष्टिकोण को सामने रखेंगी.

दोनों सदनों की संयुक्त बैठक चार जून को प्रस्तावित है. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल अपने संबोधन में मनमोहन सरकार की प्राथमिकताओं का ज़िक्र करेंगी.

100 दिन की रूपरेखा

साथ ही सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की नीतियों और योजनाओं की भी इस बैठक में चर्चा हुई.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक बैठक में मंत्रियों के साथ सरकार के 100 दिन के कामकाज का एक खाका भी तैयार होना था.

इसमें मंत्रियों की ओर से अगले 100 दिनों में सरकार के प्रमुख कामों और कार्ययोजनाओं के बारे में चर्चा होनी थी.

माना जा रहा है कि शनिवार की बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के उनके मंत्रालयों के बाबत कामकाज की रूपरेखा और उनके एक्शन प्लान के बारे में जानकारी ली है.

इसी आधार पर सरकार का कामकाज शुरू होना तय है और माना जा रहा है कि सरकार 100 के कार्यकाल के बाद अपने रिपोर्ट कार्ड में जनता की ओर से अच्छे अंक मिलने की तैयारी कर रही है.

कामकाज की इस रूपरेखा की झलक चार जून को राष्ट्रपति के भाषण में देखने को मिल ही जाएगी.

माना जा रहा है कि राष्ट्रपति के संबोधन में ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना, वैश्विक मंदी के मद्देनज़र उठाए जाने वाले क़दमों और समाज के कमज़ोर तबके के लिए शुरु होने वाली योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.

हाल ही में यूपीए की पहली बैठक में महिला आरक्षण विधेयक को फिर से पेश करने पर चर्चा हुई थी. इसे भी भाषण में शामिल किया जा सकता है.

लोकसभा का सत्र एक जून से शुरु होगा जिसमें नए सदस्य शपथ लेंगे. चार जून से राज्यसभा का सत्र शुरु होगा और इसी दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक होगी.