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मंगलवार, 19 मई, 2009 को 06:55 GMT तक के समाचार

मायावती यूपीए को समर्थन देंगी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी यूपीए को बिना शर्त बाहर से समर्थन देगी.

उन्होंने बताया कि इस दिशा में पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को सभी 21 सांसदों की सूची के साथ राष्ट्रपति के पास समर्थन पत्र के साथ भेजा जा रहा है.

लखनऊ में मायावती ने अपनी पार्टी की चुनाव समीक्षा बैठक से पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी.

मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में कहा, "16 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद मैंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को फ़ोन पर बधाई दी. फ़ोन पर बातचीत के दौरान ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आप मेरी छोटी बहन हो. मैं आग्रह करता हूं कि देश में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मज़बूत करने के लिए आप सकारात्मक रुख़ अपनाएं."

मायावती ने कहा, "हमने राष्ट्रीय कार्यकारिणी और संसदीय समिति से विचारविमर्श किया. हालांकि हमें मालूम है कि यूपीए से उत्तर प्रदेश सरकार को कोई आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद कम है पर देश में तेज़ी से बढ़ रही सांप्रदायिक ताक़तों को कमज़ोर करने के लिए हमारी पार्टी ने यूपीए को बाहर से बिना शर्त समर्थन देने का फैसला लिया है."

उधर समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने दिल्ली में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को समाजवादी पार्टी की ओर से यूपीए को समर्थन का पत्र सौंप दिया है और साथ ही मायावती के समर्थन के फैसले को राजनीतिक अवसरवाद करार दिया है.

समीक्षा बैठक

नाराज़ मायावती ने आम चुनाव में पार्टी की हार के लिए अब समीक्षा करने और कड़े क़दम उठाने का मन बनाया है.

मंगलवार को लखनऊ में बुलाई गई इस बैठक में मायावती ने पार्टी के कई पदाधिकारियों के अलावा बसपा के चुनाव चिन्ह पर जीते सांसदों और पार्टी के विधायकों को भी तलब किया है.

इस बैठक में पार्टी के आम चुनावों में ख़राब प्रदर्शन से आहत मायावती चुनाव परिणामों और पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगी.

लखनऊ से बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी ने बताया कि नाराज़ मायावती पहले ही लगभग 130 पार्टी नेताओं के इस्तीफे ले चुकी हैं. इन लोगों के पास राज्य की कई समितियों, सरकारी आयोगों और कॉर्पोरेशनों की ज़िम्मेदारियां थीं और वे मंत्रियों के स्तर की सुविधाएं, वेतन पा रहे थे.

इन सभी लोगों से पहले से ही तैयार एक इस्तीफे के मसौदे पर हस्ताक्षर करवा लिए गए हैं. इस्तीफे में इन लोगों ने चुनाव में खराब प्रदर्शन की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ली है.

माना जा रहा है कि मायावती इस समीक्षा बैठक के बाद राज्य में प्रशासनिक पदों से लेकर पार्टी और मंत्रिमंडल तक कुछ फेरबदल कर सकती हैं.