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मंगलवार, 05 मई, 2009 को 20:00 GMT तक के समाचार

सुशील झा
बीबीसी संवाददाता, उड़ीसा से

चुनाव जीतने के प्रति आश्वस्त नवीन पटनायक

उड़ीसा में जब नवीन पटनायक ने सत्ता संभाली तो किसी ने नहीं सोचा था कि राजनीति का क ख ग नहीं जानने वाला यह व्यक्ति दस साल तक मुख्यमंत्री रह सकेगा.

नवीन पटनायक न केवल दस साल मुख्यमंत्री रहे बल्कि तीसरी बार भी चुनाव जीतने के प्रति वो पूरी तरह आश्वस्त दिख रहे हैं.

राज्य में विकास और माओवादी हिंसा के बारे में वो पूरे विश्वास से जवाब देते हैं लेकिन कंधमाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के सवालों पर उनके जवाब अब आक्रामक दिखते हैं.

कंधमाल के मुद्दे पर ही नवीन पटनायक के बीजू जनता दल और भारतीय जनता पार्टी का राज्य में नौ साल पुराना गठबंधन टूट गया है.

वो कहते हैं, ‘‘ कंधमाल की घटना के बाद मैं और मेरी पार्टी बीजेपी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे. हमने सोच समझ कर गठबंधन तोड़ने का फ़ैसला किया.’’

नवीन इन आरोपों को नकारते हैं कि बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने में देरी हुई.

भाजपा को छोड़ा

वो कहते हैं,‘‘ ये फ़ैसले पंद्रह मिनट में नहीं लिए जाते हैं. बीजेपी के नेता हमारे ख़िलाफ़ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे. भड़काऊ भाषण दे रहे थे. मैं धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हूं और हम ये बर्दाश्त नहीं कर सकते थे.’’

कंधमाल में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े स्वामी लक्ष्मणानंद की हत्या के बाद सांप्रदायिक हिंसा हुई थी जिसमें कई ईसाइयों को निशाना बनाया गया था.

अब नवीन पटनायक विहिप, बजरंग दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ख़िलाफ़ कड़ा रवैया अपनाते दिख रहे हों लेकिन इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि इस हिंसा में आधिकारिक रुप से 38 लोग मारे गए थे और ये हिंसा क़रीब एक महीने तक चली थी.

इतना ही नहीं इसमें हज़ारों की संख्या में लोग विस्थापित भी हुए और इनमें से कई लोगों को कंधमाल से 200 किलोमीटर दूर भुवनेश्वर में शरण लेनी पड़ी थी.

इस बारे में बार बार सवाल पूछे जाने पर नवीन टेलीग्राफ़ अख़बार में छपा मुकुल केशवन का एक लेख दिखाते हैं जो उनके बारे में कहता है कि नवीन जिस पृष्ठभूमि से हैं उसे देखते हुए यह कहना असंभव है कि ईसाइयों के ख़िलाफ़ हिंसा में नवीन पटनायक की मौन सहमति भी हो सकती है.

वो अब बार बार अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि पर ज़ोर देते हैं और थोड़ी ऊंची आवाज़ में कहते हैं, ‘‘ मैं और मेरी पार्टी सेकुलर हैं. इसलिए गठबंधन तोड़ने का फ़ैसला किया गया.’’

पुरानी यादें

नवीन राजनीति से पूर्व के अपने दिनों के बारे में बात तक नहीं करना चाहते हैं.

ब्रितानी गायक मिक जैगर के वो मित्र रहे हैं और इस बारे में पूछे जाने पर वो मुस्कुराते हैं और कहते हैं, ‘‘ चुनाव के समय में मिक जैगर के बारे में बात क्या करें. मेरे पास अपनी पहले की ज़िंदगी के बारे में सोचने का भी समय नहीं है.’’

नवीन उड़ीसा के लोगों से बिल्कुल अलग हैं. उनके घर में जूते पहन कर जाने की अनुमति नहीं है. वो अत्यंत साफ़ सफाई पसंद हैं और वो संभवत चाहते हैं कि उनका राज्य भी वैसा ही हो.

उनकी ये चाहत भुवनेश्वर शहर में दिखती है जो देश के किसी भी शहर के साथ स्वच्छता के मामले में बेहतर हो सकता है.

एक समय में सिर्फ़ अंग्रेज़ी बोलने वाले नवीन अब ठीक-ठाक हिंदी भी बोल लेते हैं लेकिन वो अब भी उड़िया (राज्य की स्थानीय भाषा) नहीं बोल पाते हैं.

कुछ क्षेत्रों में नवीन पटनायक का काम बेहतर रहा है और स्थानीय लोगों में उनकी छवि अच्छे और पारदर्शी नेता की रही है लेकिन उनके कार्यकाल में कंधमाल एक धब्बा बन चुका है जिसे साफ़ करने में उन्हें समय लगेगा.