शनिवार, 02 मई, 2009 को 14:53 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संकेत दिया है कि वे चुनाव के बाद वामदलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं.
लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अमरीका के साथ हुए परमाणु समझौते की क़ीमत पर ऐसा नहीं होगा.
एक निजी टीवी के साथ इंटरव्यू में मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्होंने चार साल वामदलों के साथ काम किया है और उनके साथ काम करके अच्छा लगा.
प्रधानमंत्री ने कहा, "राजनीति संभावनाओं की कला है. किनके पास हम जाएँगे और किनके पास नहीं, ये ऐसा विषय है जिस पर नतीजे आने के बाद ही बात की जा सकती है. वामदलों के साथ मैंने चार साल काम किया है. पार्टी में मेरे कई मित्र हैं."
हालाँकि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी 'देशभक्त भारतीय' अमरीका के साथ हुए परमाणु समझौते को ख़ारिज नहीं कर सकता.
संदेश
प्रधानमंत्री का यह बयान वामदलों के लिए संदेश माना जा रहा है जो यह कह चुके हैं कि अगर अगली सरकार में उनकी कोई भी भूमिका रही, तो वे समझौते को रद्द कर देंगे.
मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि समझौते को ख़त्म करने का सवाल ही नहीं उठता और ऐसी नौबत भी नहीं आएगी.
प्रधानमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) कांग्रेस के नेतृत्व में अगली सरकार बनाने में कामयाब होगा.
यह पूछे जाने पर कि अगर वे दोबारा प्रधानमंत्री बनें, तो क्या अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या फिर राहुल गांधी जैसे किसी और को सत्ता सौंपेंगे, मनमोहन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी में प्रधानमंत्री बनने के सभी गुण हैं.
उन्होंने कहा कि वे किसी समय ये ज़रूर चाहेंगे कि उनसे युवा व्यक्ति के हाथों में सत्ता सौंपी जाए.