गुरुवार, 16 अप्रैल, 2009 को 10:01 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वरुण गांधी को इस शर्त पर दो हफ़्ते के लिए रिहा किया गया है कि वे कोई भड़काऊ भाषण नहीं देंगे.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कथित भड़काऊ भाषण के मामले में वरुण गांधी पर रासुका लगाया है और वरुण को एटा जेल में रखा गया था.
मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाले खंडपीठ ने कहा, "तथ्यों और हालत को देखते हुए कोर्ट वरुण को दो हफ़्ते के लिए रिहा करने को तैयार है लेकिन इस शर्त पर कि वे एटा जेल के अधीक्षक को ये लिख कर दें कि वे ऐसा कोई भाषण नहीं देंगे जिससे सांप्रदायिक सदभाव बिगड़े या किसी समुदाय को ठेस पहुँचे."
उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के मामले में चुनाव आयोग के निर्देश पर पीलीभीत के ज़िलाधिकारी ने वरुण गाँधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई थी.
चुनाव आयोग ने वरुण गांधी को भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया था.
हालांकि वरुण गांधी इन आरोपों का खंडन करते आए हैं और कहते रहे हैं कि उन्होंने ऐसा भाषण कभी दिया ही नहीं था और उनके भाषण की जो सीडी जारी की गई है उसके साथ छेड़छाड़ की गई है.
भाजपा प्रवक्ता बलबीर पुंज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है. माना जा रहा है कि वरुण पीलीभीत से जल्द ही चुनावी पर्चा दाखिल करेंगे. यहाँ 13 मई को चुनाव होना है.