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बुधवार, 15 अप्रैल, 2009 को 09:59 GMT तक के समाचार

'सेना ने अभियान फिर शुरु किया'

तमिल विद्रोहियों का समर्थन करने वाली वेबसाइटों के मुताबिक श्रीलंकाई सैनिकों ने दो दिन के विराम के बाद अभियान दोबारा शुरु कर दिया है.

लेकिन सेना के एक प्रवक्ता ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है और कहा है कि सैनिक नागरिकों के लिए बनाए गए सुरक्षित ज़ोन में केवल विद्रोहियों की गतिविधियों पर नज़र रख रहे हैं.

श्रीलंका सरकार की ओर से दो दिन का संघर्षविराम स्थानीय समयानुसार मंगलवार आधी रात को ख़त्म हो गया. सरकार ने अभियान कुछ देर के लिए रोका था ताकि संघर्ष वाले क्षेत्रों में फँसे नागरिक वहाँ से निकल सकें.

लेकिन नागिरकों पर इस संघर्षविराम का कुछ ज़्यादा असर नहीं पड़ा है.

तमिल विद्रोहियों का समर्थन करने वाली वेबसाइटों का कहना है कि सेना ने अभियान फिर शुरु कर दिया है और मॉर्टर दागे हैं.

साथ ही ये भी कहा है कि विद्रोहियों के एक इलाक़ों पर कब्ज़ा करने की सेना की कार्रवाई का एलटीटीई डटकर मुकाबला कर रही है. लेकिन श्रीलंका के सैन्य प्रवक्ता ने इस दावे का खंडन किया है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि नो-फ़ायर ज़ोन में करीब एक लाख नागरिक फँसे हुए हैं. उसने विद्रोहियों से अपील की है कि वे नागरिकों को वहाँ से निकलने दें.

लेकिन विद्रोहियों का कहना है कि नागरिक वहाँ से नहीं जाना चाहते क्योंकि वे सेना से डरते हैं.

इस बीच श्रीलंका सरकार ने तमिल विद्रोहियों की स्थाई संघर्षविराम की अपील को ठुकरा दिया है.

बीबीसी से बातचीत में श्रीलंका के विदेश मंत्री पलीथा कोहाना ने कहा, दो दिन तक चले संघर्षविराम के दौरान विद्रोहियों ने किसी को निकलने नहीं दिया.

विद्रोहियों ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है.