मंगलवार, 14 अप्रैल, 2009 को 08:03 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा है.
14 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह के मौक़े पर आडवाणी ने कहा कि डॉक्टर अंबेडकर के साथ कांग्रेस ने न्याय नहीं किया.
आडवाणी का कहना था,'' आज डॉक्टर अंबेडकर को संविधान के निर्माता के रूप में याद किया जाता है लेकिन जब संविधान सभा के लिए लोगों को नामांकित करने की बात आई तो कांग्रेस ने डॉक्टर अंबेडकर को नामांकित ही नहीं किया था.''
उनका कहना था कि बाद में पश्चिम बंगाल के एक सज्जन ने उनके लिए स्थान खाली किया तब वो पश्चिम बंगाल से संविधान सभा में आ सके.
आडवाणी ने इस अवसर पर भाजपा की दलित चेतना यात्रा को भी हरी झंडी देकर रवाना किया.
आपसी कड़वाहट
दूसरी ओर संसद परिसर में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और लालकृष्ण आडवाणी के बीच इतनी कडुवाहट आ गई है कि दोनों ने समारोहों के दौरान एक दूसरे की अनदेखी की.
इसके पहले आडवाणी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें कमजोर प्रधानमंत्री करार दिया था.
आडवाणी का कहना था,'' मैं ऐसे मामले जानता हूँ जब प्रधानमंत्री ने कार्रवाई का सुझाव दिया है लेकिन वो उसे तब तक लागू नहीं कर पाए जब तक कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उसे स्वीकृति नहीं दे दी.''
उनका कहना था कि इसकी वजह से पिछले पाँच वर्षों में सरकार का कार्य प्रभावित हुआ है.
वहीं प्रधानमंत्री डॉक्टर सिंह ने भी आडवाणी के कमज़ोर प्रधानमंत्री के आरोप का जवाब देते हुए कहा है कि वह सिर्फ़ बोलने में नहीं बल्कि करने में यक़ीन रखते हैं.
आडवाणी की खुली बहस की चुनौती के बारे में उन्होंने कहा था, "मैं बहस की बात मानकर आडवाणी जी को वो दर्जा़ क्यों दूँ. मैं बहस की उनकी क्षमता का मुक़ाबला नहीं कर सकता मगर एक अच्छा प्रधानमंत्री होने के लिए जो प्रतिबद्धता और ईमानदारी ज़रूरी है, वो मुझमें है."