रविवार, 12 अप्रैल, 2009 को 09:30 GMT तक के समाचार
श्रीलंका सरकार ने तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान को 48 घंटे के लिए रोकते हुए पूर्वोत्तर में अस्थाई संघर्षविराम की घोषणा की है.
सरकार के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि सोमवार और मंगलवार को तमिला और सिंहला नव वर्ष के उपलक्ष में अभियान रोका जाएगा ताकि इलाक़े में फँसे हज़ारों नागरिक वहाँ से निकल सकें.
तमिल विद्रोहियों ने इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. अभियान को रोकने के लिए श्रीलंका पर संयुक्त राष्ट्र का ख़ासा दबाव था.
नागरिकों को लेकर चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया था कि अगर सेना ने अभियान ऐसे ही जारी रखा तो बड़ी संख्या में नागरिक मारे जा सकते हैं.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने श्रीलंका में लड़ाई रोकने की अपील की थी.साथ ही उन्होंने लड़ाई में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मारे जाने की भी आलोचना की थी.
शनिवार को यूरोप के कई शहरों में तमिल विद्रोहियों के समर्थकों ने रैलियाँ निकाली थी और माँग की थी कि वहाँ संघर्षविराम किया जाए.
आकलन के मुताबिक पूर्वोत्तर श्रीलंका में लड़ाई के कारण 70 हज़ार से दो लाख आम नागरिक फँसे हुए हैं. राहत एजेंसियों का दावा है कि बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं और घायल भी हुए हैं.
बच्चों के लिए संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ़ ने भी कहा है कि श्रीलंका में सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष के कारण सैकड़ों बच्चे मारे गए हैं.
वर्ष 1983 से श्रीलंका में तमिलों के लिए अलग राज्य की माँग और उसके लिए चल रहे तमिल विद्रोहियों के संघर्ष में लगभग 70 हज़ार लोग मारे गए हैं.
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