प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी की जम कर खिंचाई की है.
आडवाणी के साथ बहस के मुद्दे पर मनमोहन सिंह ने कहा कि वे आडवाणी के साथ बहस नहीं चाहते क्योंकि वे नहीं समझते कि आडवाणी प्रधानमंत्री पद के लायक हैं.
मनमोहन सिंह राजधानी दिल्ली में महिला पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
भाजपा नेता आडवाणी के साथ टेलीविज़न पर बहस के बारे में पूछे जाने पर मनमोहन सिंह ने कहा, "सारे मुद्दों पर बहस की जगह संसद है, चाहे मुद्दा परमाणु समझौते का हो या कोई और. लेकिन भाजपा ऐसी बहसों से बचती रही है. अब आडवाणी का ये कहना है कि मैं आकर उनके साथ बहस करूँ, लेकिन मैं उन्हें कोई मौक़ा नहीं देना चाहता जिससे लगे कि वे आवश्यक रूप से वैकल्पिक प्रधानमंत्री हैं."
मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है, जो देश का नेतृत्व कर सकती है. उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाई और कहा कि सरकार विकास दर को 6.7 प्रतिशत तक बनाए रखेगी.
रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी को जम कर कोसा और कहा कि उनके गृह मंत्री रहते ही एक आतंकवादी को छोड़ा गया था, जो बाद में जैशे मोहम्मद जैसे संगठन का संस्थापक बना.
उन्होंने आडवाणी के उस बयान पर भी टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने मनमोहन सिंह को एक कमज़ोर प्रधानमंत्री कहा था.
उन्होंने कहा, "कमज़ोर या मज़बूत- ये ज़ोर-ज़ोर से बातें करने से तय नहीं होता. मैं ग़लत भाषा में बात करने का अभ्यस्त नहीं हूँ. इस तरह की भाषा के इस्तेमाल से किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता. मैं भले ही अच्छा वक्ता नहीं हूँ. लेकिन मैं फ़ैसले लेता हूँ. आडवाणी जी का क्या रिकॉर्ड है?"
प्रधानमंत्री ने इसके बाद कंधार की घटना का ज़िक्र किया, जब इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण किया गया था और यात्रियों को छुड़ाने के लिए मौलाना मसूद अज़हर को रिहा किया गया था.
मनमोहन सिंह ने कहा कि उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में लालकृष्ण आडवाणी गृह मंत्री थे.