गुरुवार, 02 अप्रैल, 2009 को 11:36 GMT तक के समाचार
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर को 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में क्लीन चिट दे दी.
सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत को बताया है कि वह अब इस मामले को बंद करना चाहती है.
सीबीआई के वकील संजय कुमार ने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट राकेश पंडित की अदालत को बताया, "हम मामले को रद्द करने संबंधी रिपोर्ट दाख़िल कर चुके हैं और अब जाँच को बंद करना चाहते हैं."
सीबीआई ने 28 मार्च को इस मामले की अंतरिम जाँच रिपोर्ट और इस मामले की अन्य रिपोर्ट एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में अदालत में जमा करवाई थी. उसे अदालत ने गुरुवार को खोलने का आदेश दिया था.
जगदीश टाइटलर के ख़िलाफ़ यह मामला 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख विरोधी दंगों से संबंधित हैं.
उग्र भीड़ ने एक नवंबर 1984 को दिल्ली के गुरुद्वारा पुलबंगश में आग लगा दी थी. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी.
जगदीश टाइटलर को बरी किए जाने के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध समिति के वकील एचएस फुल्का ने कहा, "'लगता है कि सीबीआई आरोपी से मिली हुई है, जिसने उसे क्लीन चिट दे दी है"
विरोध प्रदर्शन
इस मामले की अगली सुनवाई अब नौ अप्रैल को होगी. सीबीआई की इस रिपोर्ट के बाद सिखों के एक समूह ने अदालत परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और नारे लगाए.
सीबीआई के इस कदम पर टाइटलर ने कहा, "मैं शुरू से ही यह कहता रहा हूँ कि यह गढ़ा गया मामला है. मैं निर्दोष हूं. सच्चाई सामने आ गई है. लोग जो कहना चाहते हैं उन्हें कहने दीजिए. मैं इस अध्याय को अब बंद करना चाहता हूं."
इसके पहले 29 सितंबर 2007 को सीबीआई ने टाइटलर के ख़िलाफ़ चल रहे इस मामले को बंद करने की अनुमति माँगी थी.
लेकिन इस मामले के एक गवाह जसबीर सिंह के सामने आने और टाइटलर के ख़िलाफ़ गवाही देने की इच्छा जताने के बाद अदालत ने 19 दिसंबर 2007 को सीबीआई को जाँच रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था.
सिख विरोधी दंगों की जाँच करने वाले नानावती आयोग के निर्देश पर सीबीआई ने जगदीश टाइटलर के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया था.
जगदीश टाइटलर को कांग्रेस ने दिल्ली की उत्तर-पूर्व सीट से लोकसभा का उम्मीदवार बनाया है.