सोमवार, 30 मार्च, 2009 को 11:01 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के लाहौर शहर में हुए ज़बर्दस्त हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री ने अपील की है कि पूरा देश चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाए.
सोमवार को हथियारबंद चरमपंथियों ने लाहौर की पुलिस अकादमी पर हमला कर दिया था. क़रीब आठ घंटे तक सेना की कार्रवाई के बाद चरमपंथियों को मार गिराया गया और अकादमी पर सेना ने नियंत्रण कर लिया.
इस पूरे घटनाक्रम में आठ चरमपंथियों और आठ पुलिसकर्मियों समेत 18 लोग मारे गए हैं और एक चरमपंथी को गिरफ़्तार भी किया गया है.
गृह मंत्री रहमान मलिक ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान के समक्ष दो ही विकल्प है या तो वो तालेबान के ख़िलाफ़ एकजुट होकर संघर्ष करे या फिर तालेबान को पाकिस्तान पर कब्ज़ा कर लेने दे.
मलिक ने हमले के पीछे चरमपंथी संगठनों का हाथ होने की बात कही है और ये भी संकेत दिए हैं कि इसके पीछे किसी दूसरे देश का भी हाथ हो सकता है.
मलिक का कहना था कि पाकिस्तान की एकता इस समय ख़तरे में है.
लाहौर में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि हमले के पीछे तालेबान नेता बैतुल्लाह महसूद के लड़ाकों का हाथ दिख रहा है जो दक्षिणी वज़ीरिस्तान में सक्रिय हैं.
पाकिस्तान में एक महीने से भी कम समय में ऐसी ज़बर्दस्त चरमपंथी घटना हुई है. कुछ ही दिन पहले चरमपंथियों ने श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर भी दिन दहाड़े हमला किया था.
दिन दहाड़े हमला
लाहौर में पुलिस अकादमी पर सोमवार की सुबह क़रीब साढ़े आठ बजे हमला हुआ और शाम के चार बजे के आसपास सैनिकों ने परिसर पर अपना नियंत्रण स्थापित किया.
शाम को टीवी पर दिखाई जा रही तस्वीरों में सैनिक परिसर के छत पर जश्न मनाते देखे गए.केंद्र की घेराबंदी करीब आठ घंटों तक चली और शाम को करीब 10-15 मिनटों की ताबड़तोड़ गोलीबारी के बाद अधिकारियों ने घोषणा की नाकेबंदी ख़त्म हो गई है.
ये पुलिस केंद्र वाघा सीमा के नज़दीक है. केंद्र पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश के दौरान जब सेना ने परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की थी तो बंदूकधारियों ने ग्रेनेड से हमला किया.
पाकिस्तान में आंतरिक मामलों के मंत्रालय में मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि ये योजनाबद्ध, संगठित और आतंकवादी हमला था. ये दिखाता है कि हमारे देश के दुश्मन किस हद तक जा सकते हैं लेकिन ये कहना ग़लत है कि पाकिस्तान में क़ानून व्यवस्था चौपट हो गई है.
रहमान मलिक का कहना था,'' ये हमले मुंबई जैसे हैं. जब तक हमले के ज़िम्मेदार लोगों को हम पकड़ नहीं लेते और आगे जाँच नहीं करते, हम नहीं कह सकते कि इस हमले के पीछे कौन है.''
उनका कहना था,'' इस बात की जाँच की जाएगी कि हमलावरों को हथियार और पैसा कहां से मिल रहा है. ऐसी बंदूकें कहाँ से मिल रही हैं, ग्रेनेड कहाँ से हासिल हो रहे हैं.''
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि हमलावर पुलिस की वर्दी में अकादमी में घुसे थे.
गोलीबारी
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार पुलिस अधिकारी मोहम्मद अफ़ज़ल ने बताया सोमवार को सुबह जिस समय पुलिस अधिकारी परेड कर थे, उस दौरान बंदूकधारियों ने उन पर हमला किया.
पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने गोलीबारी के अलावा ग्रेनेड भी फेंके.
टीवी दृश्यों में कई पुलिस जवानों को खून से लथपथ ज़मीन पर पड़े दिखाया गया है.
इस स्थान की घेराबंदी कर दी गई थी और कमांडो दस्ते, पाकिस्तान रेंजर्स को तैनात किया गया था.
लगभग एक महीने पहले बंदूकधारियों ने लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हमला किया था.
उस हमले में छह पुलिसवाले मारे गए थे जबकि हमलावर बंदूकधारी बच कर निकल गए थे.