शनिवार, 28 मार्च, 2009 को 03:59 GMT तक के समाचार
पीलीभीत से भाजपा के प्रत्याशी वरुण गांधी ने शनिवार को स्थानीय अदालत में समर्पण कर दिया.
इसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर अदालत ने सोमवार तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है.
इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है. इस दौरान उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी और पुलिस को उनको नियंत्रित करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी.
पीलीभीत में मीडिया से बातचीत में वरुण गांधी ने कहा,'' मेरे जेल जाने से यदि लोगों में सिद्धांतों के लिए लड़ने की हिम्मत पैदा होती है तो मैं जेल जाने के लिए तैयार हूँ.''
उनका कहना था कि उन्हें साज़िश के तहत फंसाया गया है.
वरुण ने कहा कि वो अपने सिद्धांतों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है.
भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी कलराज मिश्र भी पीलीभीत पहुँचे थे लेकिन वो उनके साथ अदालत नहीं गए.
कलराज मिश्र ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वरुण गांधी ने जमानत की अर्जी वापस ले ली थी, उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर है इसलिए गिरफ़्तारी स्वाभाविक प्रक्रिया है इसलिए उन्होंने फ़ैसला किया है कि वो आत्मसमर्पण कर देंगे.
कलराज मिश्र का कहना था कि वो पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं इसलिए उन्हें आवश्यक प्रतीत हुआ कि वो ख़ुद वहाँ उपस्थित रहें.
याचिका वापस
उल्लेखनीय है कि पीलीभीत से भाजपा के प्रत्याशी वरुण गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से अपनी ज़मानत अर्ज़ी वापस ले ली थी.
वरुण की ओर से शुक्रवार को अदालत में अर्ज़ी दी गई थी वो इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के दृष्टिगत अपनी ज़मानत की याचिका वापस लेना चाहते हैं.
उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान कथित रूप से सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने वाले उनके भाषण के मामले में चुनाव आयोग के निर्देश पर पीलीभीत के ज़िलाधिकारी ने उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई थी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफ़आईआर को ख़त्म करने की उनकी याचिका खारिज़ कर चुका है.
जानकारों का कहना है कि वरुण की पीलीभीत की अदालत में जाकर अपनी ग़िरफ़्तारी देना भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है.
वरुण गांधी पर आरोप है कि उन्होंने गत छह मार्च को अपने चुनाव क्षेत्र पीलीभीत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिया था.
वरुण गांधी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उन्होंने ऐसा भाषण कभी दिया ही नहीं था और उनके भाषण की जो सीडी जारी की गई है उसके साथ छेड़छाड़ की गई है.
पीलीभीत से पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे वरुण गांधी के कथित बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है.
इसके पहले भाजपा ने चुनाव आयोग का यह सुझाव मानने से इनकार कर दिया था कि वरुण गांधी को पीलीभीत से पार्टी उम्मीदवार न बनाए.