पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने वादा किया है कि वो देश में चल रहे राजनीतिक संकट को ख़त्म करने के लिए क़दम उठाएंगे.
ज़रदारी ने संसद में दिए गए अपने एक बयान में कहा कि वो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफ़ारिश करेंगे.
उल्लेखनीय है कि पंजाब प्रांत में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के कारण विपक्ष और सरकार के बीच ख़तरनाक मतभेद उभर कर सामने आ गए हैं.
राष्ट्रपति ज़रदारी ने पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में चरमपंथ के ख़ात्मे के लिए अमरीका की नई नीति को पुरज़ोर समर्थन करने की बात भी कही है.
उनका कहना था कि वो किसी भी देश के ख़िलाफ़ आतंकवादी कार्रवाईयों के लिए लिए पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देंगे.
ज़रदारी ने कहा कि वो चरमपंथ के ख़ात्मे के लिए अमरीकी नीति का समर्थन तो करते हैं लेकिन वो पाकिस्तान की संप्रभुता के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते.
पाकिस्तान में पिछले कुछ हफ्तों में राजनीतिक संकट गहरा गया है जिसका मुख्य कारण पंजाब प्रांत में लगा राष्ट्रपति शासन और मुशर्रफ़ के समय बर्खास्त किए गए जजों की बहाली नहीं करना था.
इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी और राष्ट्रपति ज़रदारी के बीच ठन गई थी. पिछले सप्ताह पूरे पाकिस्तान में वकीलों के विराट प्रदर्शन के बाद जजों की बहाली कर दी गई लेकिन पंजाब प्रांत से राष्ट्रपति शासन नहीं हटाया गया.
पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री नवाज़ शरीफ़ के भाई शाहबाज़ शरीफ़ थे जिन्हें हटा कर राष्ट्रपति शासन लगाया गया था.
हालांकि अब राष्ट्रपति ज़रदारी के रवैए में नरमी दिख रही है.