सोमवार, 23 मार्च, 2009 को 10:21 GMT तक के समाचार
मुंबई हमलों के दौरान ज़िंदा पकड़े गए अभियुक्त मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने अदालत के सामने स्वीकार किया है कि वे पाकिस्तान के पंजाब सूबे से हैं.
सोमवार को मुक़दमे की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से कसाब ने अदालत से ये बात कही. सुरक्षा कारणों से वे कोर्ट में उपस्थित नहीं थे.
उन पर भारत के ख़िलाफ़ 'युद्ध छेड़ने' का आरोप लगाया गया है.
पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई में विभिन्न जगहों पर हुए चरमपंथी हमलों में 170 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले में नौ चरमपंथी भी मारे गए थे.
भारत ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित समूह लश्करे-तैबा से जुड़े चरमपंथियों ने मुंबई हमलों को अंजाम दिया था. पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि इन हमलों की योजना आंशिक रूप से पाकिस्तान की धरती पर बनाई गई थी.
संक्षिप्त उत्तर
पुलिस ने 26 नवंबर 2008 को कसाब को गिरफ़्तार किया था. तब से वे पुलिस की हिरासत में ही हैं.
वीडियो के ज़रिए अदालत के सामने आए कसाब गहरे काले रंग के टी शर्ट और दाढ़ी में तनाव रहित दिख रहे थे.
कसाब ने हमलों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त विशेष जज एमएल ताहिलियानी के सवालों का काफ़ी संक्षिप्त जवाब दिया.
जज ने पूछा, "आपको एक वकील की ज़रूरत होगी, क्या आपके लिए कोई वकील हैं? हम सरकारी खर्चें पर आपको वकील की सुविधा दे सकते हैं, क्या आपको मंजूर है?"
"हां, सर.", कसाब का जवाब था.
इन हमलों से जुड़े मामलों में जो आरोप पत्र दाख़िल किए गए हैं वह 11 हज़ार से ज़्यादा पन्नों में है.
भारतीय क़ानून की विभिन्न धाराओं के तहत कसाब के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास और सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने का आरोप है.
कसाब के मामले की सुनवाई आर्थर रोड जेल में ही हो रही है जहां पर सुरक्षा के काफ़ी बंदोबस्त किए गए हैं.
यदि कसाब दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें मौत की सज़ा हो सकती है.
अधिकारियों का कहना है कि कसाब और अन्य अभियुक्तों के ख़िलाफ़ उन्होंने जो आरोप पत्र दाख़िल किए हैं उनमें षडयंत्र रचने, चरमपंथियों के मुंबई में प्रवेश करने और पाकिस्तान में उनकी ट्रेनिंग से संबंधित ब्यौरे शामिल हैं.
मुंबई पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के कारण उन्हें अपने केस पर भरोसा है.
संबंधों में खटास
इन हमलों के बाद भारत पाकिस्तान के संबंधों में काफ़ी खटास आ गई है.
भारत ने संदिग्धों की एक सूची पाकिस्तान को सौंपी है और माँग कि है कि पाकिस्तान उन्हें भारत को सौंप दे. पाकिस्तान और लश्कर दोनो ही हमलों में शामिल होने की बात से इनकार किया है.
हालांकि पिछले महीने पाकिस्तान ने अपनी जाँच के दौरान पाया कि कम से कम नौ संदिग्ध हमलावर नवंबर में समुद्री रास्ते के जरिए कराची से मुंबई तीन नावों में गए थे.
पाकिस्तान का कहना है कि उसने आठ लोगों को दोषी पाया है जिनमें से छह लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और कोई भी सुनवाई पाकिस्तान की धरती पर ही होगी.