रविवार, 22 मार्च, 2009 को 02:21 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के अपदस्थ मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी रविवार को दोबारा अपना कार्यभार संभाल लिया.
पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोंगर शनिवार को रिटायर हो गए.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने देश को संबोधन में बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी को बहाल करने की घोषणा की थी.
साथ ही उन्होंने बर्ख़ास्त अन्य सभी जजों को भी बहाल करने का ऐलान किया था.
उन्होंने दलील दी थी कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने वादा किया था कि किसी भी जज को उसके पद से नहीं हटाया जाएगा, इस कारण इफ़्तिख़ार चौधरी को अब्दुल हमीद डोंगर के रहते बहाल करने में मुश्किल आ रही थी.
गीलानी का कहना था कि अब जबकि मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोंगर अवकाश ग्रहण कर रहे हैं तो अब वादा पूरा करने का समय आ गया है.
आंदोलन
प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) लंबे समय से जजों की बहाली की माँग करता रहा है, इसी मामले पर पीएमएल और आसिफ़ अली ज़रदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) का गठबंधन टूट गया था.
पाकिस्तान में स्वतंत्र न्यायपालिका को बहाल करने की माँग पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) और वकीलों ने आंदोलन चलाया था और उन्होंने इस्लामाबाद में एक बड़ी रैली करने की घोषणा की थी.
इस आंदोलन को मिल रहे जनसमर्थन को देखते हुए प्रधानमंत्री गीलानी ने मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी और अन्य जजों की बहाली की घोषणा की थी.
जजों की बहाली को पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ और वकीलों के आंदोलन की एक बड़ी सफलता और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की एक राजनीतिक नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने अपने शासनकाल के दौरान मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौघरी समेत 60 अन्य जजों को बर्ख़ास्त कर दिया था जिसमें से कुछ जजों को बहाल कर दिया गया था.