शनिवार, 21 मार्च, 2009 को 06:59 GMT तक के समाचार
बिहार में लोकसभा टिकट के बंटवारे को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) में तलवारें खिंच गई हैं.
पार्टी के विरोध के बावजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडीस मुज़फ़्फ़रपुर और दिग्विजय सिंह बांका सीट से चुनाव लड़ने पर अड़े हुए हैं.
जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि वरिष्ठ समाजवादी नेता फ़र्नांडीस को खराब स्वास्थ्य के चलते लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए. पार्टी उन्हें राज्य सभा में भेजना चाहती है.
समाचार एजेंसियों ने पार्टी की बिहार इकाई के सदस्य हरि ओम कुशवाहा के हवाले से कहा है, "अगर फ़र्नांडीस मुज़फ़्फ़रपुर से चुनाव लड़ते हैं तो पार्टी ये सीट गंवा देगी. क्योंकि फ़र्नांडीस की सेहत अच्छी नहीं है. जीत पक्की करने के लिए पार्टी को यहाँ से किसी युवा को उम्मीदवार बनाना चाहिए."
समर्थन नहीं
फ़र्नांडीस ने 2004 में मुज़फ़्फ़रपुर से लोकसभा चुनाव जीता था, लेकिन अब बड़ी तादाद में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया है कि फ़र्नांडीस को अब इस सीट से टिकट न दिया जाए.
लगभग दो महीने पहले ही राजगीर में हुई जेडीयू की बैठक में फ़र्नांडीस ने नालंदा से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन उनके इस बयान को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन नहीं मिला था.
ग़ौरतलब है कि नालंदा फ़र्नांडीस की परंपरागत सीट रही है. उन्होंने यहाँ से 1996, 1998 और 1999 में लोकसभा चुनाव जीता है. 2004 के आम चुनाव में इस सीट से नीतीश कुमार विजयी रहे थे.
उधर, फ़र्नाडीस के क़रीबी सहयोगी और पूर्व विदेश राज्य मंत्री दिग्विजय सिंह भी अपनी अनदेखी किए जाने से नाराज हैं.
उन्होंने बांका से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है और धमकी दी है कि अगर पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे.
दिग्विजय सिंह बांका से दो बार चुनाव जीते हैं, लेकिन पिछला लोकसभा चुनाव 4000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे.
नीतीश कुमार ने वर्तमान में राज्य सभा सदस्य दिग्विजय को टिकट देने की संभावना से इनकार करते हुए कहा, "दिग्विजय सिंह ने पार्टी से टिकट नहीं माँगा है."
दिग्विजय सिंह का कहना है कि उनका राजनीतिक क़द ऐसा है कि उन्हें टिकट माँगने की ज़रूरत नहीं है.