शुक्रवार, 20 मार्च, 2009 को 06:27 GMT तक के समाचार
मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ टिप्पणी से विवादों में घिरे भाजपा नेता वरुण गांधी को शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अग्रिम ज़मानत दे दी है.
इससे पहले वरुण गांधी के वकीलों ने चुनाव आयोग को उनका जवाब सौंप दिया है.
चुनाव आयोग ने उन्हें सफ़ाई पेश करने के निर्देश देते हुए कहा था कि वरुण गांधी को ही ये साबित करना है कि उनके भाषण वाले वीडियो टेप से छेड़छाड़ की गई है.
इस बीच उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने दिल्ली आकर वरुण गांधी को विवादित सीडी की प्रतियाँ सौंप दी हैं.
वरुण गांधी का दावा है कि उनके कथित भाषणों वाली जो सीडी दिखाई जा रही है, वो सही नहीं है. उनका कहना है कि इसके पीछे राजनीतिक साज़िश है.
वरुण गांधी ने अपने ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी है.
उन्होंने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम ज़मानत की याचिका भी दायर की थी.
अग्रिम ज़मानत
चुनाव आयोग के निर्देश पर पीलीभीत के ज़िलाधिकारी ने वरूण गांधी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई थी.
वरुण गांधी के ख़िलाफ़ बारखेड़ा पुलिस स्टेशन में सेक्शन 153 ए और 188 के तहत एफ़आईआर दर्ज किया गया है. इन धाराओं के अंतर्गत धार्मिक उन्माद भड़काने और सरकारी आदेश की अवज्ञा का मामला बनता है.
शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने वरुण गांधी की ज़मानत याचिका स्वीकार कर ली है.
उन्हें 50 हज़ार रुपयों के निजी मुचलके पर ये ज़मानत दी गई है.
हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति रेवा क्षेत्रपाल ने ज़मानत देते हुए दिल्ली पुलिस का यह तर्क अस्वीकार कर दिया कि वरुण गांधी को ज़मानत देना दिल्ली हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि एफ़आईआर उत्तर प्रदेश में दर्ज हुआ है.
अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख़ 27 मार्च घोषित की गई है.
सीडी की प्रति
इस बीच उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने दिल्ली आकर वरुण गांधी को विवादास्पद सीडी की प्रति सौंपी है.
वरुण गांधी की मां और पूर्व मंत्री मेनका गांधी के निवास पर जाकर उत्तर प्रदेश के दो अधिकारियों ने उन्हें यह सीडी दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उनके साथ दिल्ली पुलिस के सिपाही भी थे.
एजेंसी का कहना है कि इन अधिकारियों ने बताया कि वे चुनाव ड्यूटी पर हैं.